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अखिलेश से गठबंधन के बाद मायावती ने उड़ाई मोदी-शाह की नींद

लखनऊ:  आगामी लोकसभा चुनव से पहले पिछले काफी दिनों से जारी चर्चाओं के बीच शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी समावादी पार्टी और पूर्व सीएम मायवती की बहुजमन समाज पार्टी के साथ गठबंधन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। दोनों पार्टी के प्रमुख ने साझा संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन का ऐलान किया है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन वाकई ऐतिहासिक दिन है। कई सालों तक एक दूसरे के धुर विरोधी रहे पूर्व सीएम अखिलेश यादव और मायवती ने अपने राजनीतिक भविष्य को खतरे में देखते हुए गठबंधन का ऐलान किया है। सपा-बसपा गठबंधन का औपचारिक ऐलान करते हुए कहा मायावती ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

समाजवादी पार्टी के साथ अपने गठबंधन को राजनीतिक क्रांति करार देते हुए मायावती ने कहा कि, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ा देगा। उन्होंने कहा कि, इस गठबंधन के पास भाजपा को फिर से सत्ता में आने से रोकने की क्षमता है।

आपको बता दें कि बीजेपी के खिलाफ बनी इस गठबंधन में पहले कांग्रेस भी शामिल होने वाली थी, लेकिन सीट समझौते समेत अन्य कई कारणों के चलते कांग्रेस के बिना ही सपा-बसपा ने गठबंधन का ऐलान किया है। गौर हो कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से सपा और बसपा के बीच 38-38 सीटों का करार हुआ है।

जबकि सपा-बसपा ने बची हुए दो सीटें अमेठी और रायबरेली पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला लिया है। ये दोनों सीटे कांग्रेस की गढ़ मानी जाती है। हालांकि सपा-बसपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया है, लेकिन इन दोनों सीटों पर उम्मीदवार न उतारने का फैसला कर कांग्रेस के लिए नरमी जरूर दिखाई है।

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