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GST को आसान बनाने के लिए लॉन्च हुआ यह खास ऐप

नई दिल्ली: पिछले साल देश में नई कर व्यवस्था जीएसटी के लागू होने के बाद नई प्रक्रिया से जुड़ने और समझने में लोगों को काफी दिक्तों का सामना करना पड़ा, हालांकि अब जीएसटी के एक साल पूरे होने के बाद इसमें कई तरह के बदलाव हुए हैं, जबकि सरकार और संबंधित कंपनियां जीएसटी की प्रक्रिया को और भी आसान बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

इस क्रम में आइरिस बिजनेस सर्विसेज लिमिटेड ने 'आइरिस पेरिडॉट' नाम का एक ऐप लॉन्च किया है जो जीएसटी बिल और डाक्यूमेंट्स को स्कैन करने में सक्षम है। यह ऐप जीएसटीआईएन आईडी की जांच करता है, साथ ही टैक्स देने वाले की अनुपालन की स्तिथि भी दर्शाता है।

आपको बता दें कि बीएसई में लिस्टेड आइरिस बिजनेस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड देश की टॉप की जीएसटी सुविधा प्रदाता कंपनियों में से एक है। देश की कई बड़ी कंपनियां जीएसटी फाइलिंग की प्रक्रिया को आसानव बनाने के लए आइरिस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती हैं।

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गौर हो कि जीएसटी को परिवर्तनकारी पहल मानते हुए आइरिस ने कारोबार को और भी आसान बनाने और कर अनुपालन को बेहतर करने के लिहाज से जीएसटी से जुड़े कई सार्थक पहल किए हैं। जिसके बाद अब 'आइरिस पेरिडॉट' ऐप की मदद से जीएसटी को बेहद ही आसान बनाने के काम किया है।

इस ऐप की मदद से उपयोक्ता जीएसटी सिस्टम से प्रमाणित करते हुए करदाता से जुड़ी विस्तृत जानकारी का पता लगा सकता है। इसके लिए यूजर को अपने फोन के कैमरा से इनवॉइस या अन्य दस्तावेज को स्कैन कर सकता है।

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जिसके बाद यह ऐप एआइ/एमएल यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस/मशीन लैंग्वेज तकनीक की मदद से जीएसटीआईएन की पहचान करता है करने के साथ ही जीएसपी एपीआइ कनेक्ट की मदद से करदाता के रिटर्न की विस्तृत जानकारी भी प्रदान कराता है। इस ऐप को प्लेस्टोर और एप्पल स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

इस ऐप का सबसे बड़ा फायदा छोटे और मध्यम कारोबारियों को होगा, वहीं आम ग्राहक भी सुनिश्चित कर सकेंगे कि जिस वेंडर से वे खरीदारी कर रहे हैं, वह किस हद तक ईमानदार करदाता है। वेंडर ट्रैक रिकॉर्ड देखकर इस बात की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं कि उन्होंने जिस कर का भुगतान किया है, वह सरकार के खजाने में जमा होगा।

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