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अंतरिक्ष में पहुंचा भारत का सबसे भारी सैटेलाइट, बदल जाएगी इंटरनेट की दुनिया!

बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी इसरो द्वारा किया गया भारत का सबसे भारी उपग्रह जीसैट-11 बुधवार तड़के सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। करीब 5854 किलोग्राम वजनी उपग्रह को यूरोप की लॉन्चिंग एजेंसी एयरियानेस्पेस के रॉकेट एरियाने-5 की मदद से फ्रेंच गुयाना से लॉन्च किया गया।

जानकारी के अनुसार भारतीय समयानुसार जीसैट-11 को देर रात 2 बजकर 7 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया है। बताया जाता है कि यह उपग्रह से इंटरनेट स्पी बढ़ाने में मददगार साबित होगा। यह 16 गीगाबाइट प्रति सेकंड की रफ्तार से डेटा भेजने में सक्षम होगा। जिसके कारण इंटरनेट यूजर्स को अद्भुत स्पीड मिल सकती है।

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आपको बता दें कि देश की सरकार इन दिनों डिजिटल इंडिया मिशन पर खास ध्यान दे रही है। लेकिन अब भी देश के कई हिस्सों में लोग इंटरनेट की सेवाओं से मरहूम है। ऐसे में उसके लिए डिजिटल इंडिया महज एक सपना के सिवाय और कुछ भी नहीं है। वहीं भारत के अन्य शहरें जहां इंटरनेट की सेवाएं मिल रही है, उनमें से अधिकांश जगहों पर लोगों को रफ्तार की समस्या झेलनी पड़ रही है।

लिहाजा भारत में इंटरनेट क्रांति लाने के उद्देश्य के चार उपग्रह प्रक्षेपित करने की योजना है। जिसमें से एक एक जीसैट-11 है जो इस मिशन का तीसरा उपग्रह है। इससे पहले जीसैट-19 और जीसैट-29 पहले ही प्रक्षेपित किए गया है जबकि चौथा उपग्रह जीसैट-20 अगले साल तक प्रक्षेपित किया जाएगा।

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बताया जाता है कि ये चारों सैटलाइट लॉन्च होने के बाद देश में 100 गीगाबाइट प्रति सेकंड की रफ्तार से डेटा ट्रांसफर का सपना साकार हो सकता है। यह देश में ग्राम पंचायत स्तर तक पर ‘भारतनेट प्रोजेक्ट’ के तहत ब्रॉडबैंड सर्विस उपलब्ध कराएगा।

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जानकारी के अनुसार इस सैटेलाइट में 4-4 मीटर लंबे दो सोलर पैनल लगाए गए हैं जो इसके लिए जरूरी 15 किलोवॉट ऊर्जा की सप्लाई करता है। इसे इस तरह के तायार किया गया है कि यह 15 साल से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दे सकेगा।

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