Breaking News
  • अयोध्या मामले में 2 अगस्त से खुली कोर्ट में सुनवाई, 31 जुलाई तक मध्यस्थता की प्रक्रिया
  • महाराष्ट्र में गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस पटरी से उतरी
  • अमरनाथ यात्रा पर आतंकी कर सकते हैं आतंकी हमला : सूत्र
  • कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार का शक्ति परीक्षण, 2 बसों में विधानसभा पहुंचे BJP विधायक

ऐसा सिर्फ युवराज ने किया!

नोएडा: युवराज का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ,क्रिकेट में एक सदी का अंत है। युवी,सिक्सर किंग,महाराज ऑफ़ इंडियन क्रिकेट जैसे कई उपनामों से मशहूर  क्रिकेट जगत के  दैदीप्यमान सितारे, करोड़ो लोगो के दिलो पर राज करने वाले, बड़े-बड़े टूर्नामेंट में जीत के महानायक, विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले महान हरफनमौला क्रिकेटर युवराज सिंह ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से सन्यास की घोषणा कर दी। 17 साल के बेदाग करियर में युवराज सिंह ने हर ऊंचाई को छुआ जो एक क्रिकेटर का सपना होता है ,जीवन में बहुत उतार चढाव आये परन्तु उन सभी बाधाओं को पार करते हुए एक महान खिलाडी के रूप में क्रिकेट को  अलविदा कहा ,उनकी कमी तो हमेशा ही खलेगी ,क्योकि युवराज जैसे क्रिकेटर बार बार नहीं आते, आइये एक नज़र डालते है युवराज सिंह के  अविस्मणीय करियर पर... 

शुरुआती दिन: युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1982 को चंडीगढ़ में हुआ ,युवराज के पिता योगराज सिंह पूर्व भारतीय खिलाडी रह चुके है ,उनका सपना था कि युवराज भी भारतीय टीम के लिए खेले, युवराज न सिर्फ खेले बल्कि हर ऊंचाई को छुआ। युवराज सिंह ने घरेलू किकेट में भी शानदार किया।

करियर : युवराज सिंह ने भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एकदिवसीय क्रिकेट में सन  2000 में पदार्पण किया, सन 2003 में उन्हें टेस्ट कैप मिली और 2007 -2008  के बीच भारतीय टीम के उपकप्तान भी रहे। सन 2002 में इग्लैंड में सम्पन हुई नेटवेस्ट सीरीज में उस समय जब भारत की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी, तब शानदार 69  रनों की पारी खेल कर भारत की एकदिवसीय क्रिकेट में ऐतिहासिक जीत के हीरो बने, उसके बाद  टी20  क्रिकेट 2007 बेस्ट परफ़ॉर्मर ऑफ़ द सीरीज और 2011 विश्व कप में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट के ख़िताब से नवाज़े गए।

 2011 विश्व कप के दौरान युवराज सिंह एक ही विश्व कप में पांच विकेट लेने व 50 रन बनाने वाले पहले खिलाडी बने। युवराज सिंह ने 304 एकदिवसीय मैचों में 36. 55 की औसत व 14 शतकों की मदद से 8701 रन बनाये। वहीं 40 टेस्ट मैचों में 33.92 की औसत से 1900 रनो का योगदान दिया। टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में से एक माने  जाने वाले युवी ने 28.02 की औसत से 1777 रन बनाये है जिसमे 77 उनका सर्वोच्च स्कोर है।

जबकि आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाडी होने का श्रेय भी उन्ही के पास है। 2015 में  दिल्ली डेयरडेविल्स ने उन्हें 16 करोड़ रुपये में ख़रीदा था।  2007 टी20 विश्व  क्रिकेट में  इंग्लैंड के खिलाफ ब्रॉड की छः गेंदों में छ: छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उनके ही नाम है।

उतार चढ़ाव: जीवन में जो भी इंसान सफल बना है उसे अपनी ज़िन्दगी में बहुत उतार चढाव देखने को मिले है ,युवराज ने भी अपने करियर में बहुत से अप एंड डाउन्स देखे,किसी सीरीज में उनका बल्ला खामोस रहा तो कभी बॉलिंग में विकेट नहीं  मिले,कई बार टीम से बाहर बैठना पड़ा लेकिन इस सब व्यथाओं के बाद भी युवराज ने कभी संयम नहीं खोया, जिस रफ़्तार से वो गिरे हमेशा उससे दोगुनी रफ़्तार से वो ऊपर उठ गए, उनके इसी कौशल और प्रतिभा ने युवी को एक महान  खिलाडी बनाया।

सन 2011  जोकि उनकी लाइफ का भयावह साल रहा होगा ,फेफड़े के कैंसर का पता चला ,बोस्टन में उनका इलाज हुआ, लेकिन मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ देने वाली बीमारी भी युवराज के अंदर के क्रिकेटर को दबा न सकी,युवराज ने मार्च 2012 में  कैंसर से जंग  जीतने के बाद एक बार फिर से  जबरदस्त वापसी करते हुए सितम्बर 2012 में  श्रीलंका में ICC  टी20 सीरीज में टीम में अपनी जगह बनायीं। 

स्पेशल अचीवमेंट्स

* 2007 टी20 में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट

* 2011 विश्व कप में मैन ऑफ़ द सीरीज

* भारत के राष्ट्पति द्वारा 2012 में अर्जुन अवार्ड पाया

* 2014 में पदम् श्री पुरस्कार विजेता

* 2014 में ही फिक्की द्वारा सबसे बड़ा प्रेरणास्तोत्र खिलाडी का अवार्ड

* आईपीएल इतिहास का सबसे महंगा खिलाडी होने का गौरव

* 2018 में क्रिकेट मैदान के बाहर किये महान कार्यो के लिए पावर ब्रांड की तरफ से भारतीय मानवता विकास पुरस्कार मिला

22 यार्ड्स की दुनिआ को अलविदा : युवी ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास की घोषणा की ,इस दौरान ये क्रिकेट की दुनिया का जगमगाता सितारा काफी भावुक दिखा और हो भी क्यों ना ,17 साल का लम्बा करियर उस 22 यार्ड में ही  बिताया, जीवन में जो भी कुछ मिला सब क्रिकेट की वजह से ही ,युवराज के सन्यास की  घोषणा सुनते ही विश्व भर के दिग्गज खिलाड़ियों और उनके करोड़ों फैन ट्विटर के माध्यम से उनका धन्यवाद करते हुए आगामी योजनाओ के लिए शुभ कामनाओं का सिलसिला शुरू हुआ, जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहा... युवराज जैसे महान खिलाडी बार बार नहीं होते है, भारतीय टीम में उनकी जगह भर पाना काफी कठिन होगा।

loading...