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युवराज ने दिया अपने फैंस को झटका, लिया सन्यास, कहा...

नोएडा : युवराज, युवराज, युवराज... शायद अब यह नाम क्रिकेट के ग्राउंड में सुनने को न मिलें। धाकड़ बल्लेबाजी किया, शानदार गेंदबाजी की, दुश्मनों के छक्के छुड़ाये लेकिन अंत में यह बल्ला सदा के लिए खामोश हो गया। प्रेस को संबोधित करते हुए युवराज ने कहा कि यह उनके लिए काफी भावनात्मक पल है और उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है। वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है। मैंने कभी किसी चुनौती के आगे हार नहीं मानी चाहे वो क्रिकेट का मैच रहा हो या फिर कैंसर जैसी बीमारी।

जिसके बाद उन्होंने कहा कि वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है। उस दौरान युवराज की मां भी उनके सामने मौजूद थी, जो अपने बेटे की बातों को सुनकर रो पड़ी। बता दें कि युवराज अपने मां के काफी नजदीक है। संन्यास की घोषणा करते समय युवराज ने कहा कि मेरी मां हमेशा मेरी ताकत रही है। बचपन से मैंने अपने पिता का देश के लिए खेलने का सपना पूरा करने की कोशिश की।

अपने 25 साल के करियर और खास तौर पर 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला ले लिया है। इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, गिरना है, फिर उठना है और आगे बढ़ जाना है।

आपको बता दें कि युवराज ने अपने इस सन्यास की घोषणा ठीक इंडिया से ऑस्ट्रेलिया के जीत के कुछ ही घंटों बाद की है। सूत्रों की मानें तो युवराज को उम्मीद थी कि उन्हें 2019 के वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया जाएगा। लेकिन उनके चयन नहीं होने से वे बहुत आहत थे, जिसके बाद उन्होंने इस सन्यास की घोषणा की। युवराज ने बताया कि उन्होंने इससे पहले भी सचिन से इस बात पर मशवरा किया था, जिस पर सचिन ने कहा था कि आप अपने अनुसार सोच लें। जिस वज़ह से उस समय उन्होंने सन्यास लेने से खुद को रोका।

वे चाहते थे कि युवराज सन्यास वर्ल्ड कप जीत के साथ करें लेकिन परफॉर्मेंस कुछ खास न होने से उनका चयन नहीं हो सका। आईपीएल में भी युवराज मुंबई की तरफ से खेल रहे थे लेकिन उन्हें सिर्फ चार ही मैच में मौका दिया गया। जिसमे इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 53 रनों का था।  बता दें कि युवराज पिछले काफी लंबे समय से भारतीय टीम की ओर से नहीं खेले हैं। सिंह ने भारतीय टीम की ओर से 40 टेस्ट खेले हैं जिसमें उन्होंने 33.92 की औसत से 1900 रन बनाए हैं। जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए। जबकि 231 टी-20 मैचों में 4857 रन और 80 विकेट भी चटकाए हैं।

आपको बता दें कि युवराज 2017 के बाद से इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सकें, जिसकी वज़ह उनका हेल्थ प्रॉब्लम या परफॉर्मेंस में नहीं बने रहना था। BCCI के एक सूत्र की माने तो उन्होंने कहा कि युवराज BCCI से बात करना चाहते हैं। वह BCCI से जीटी-20 (कनाडा) और आयरलैंड व हॉलैंड में यूरो टी-20 स्लैम में खेलने के बारे में बातचीत करेंगे, क्योंकि उन्हें इन सभी लीग में खेलना का ऑफर मिला है। अब देखना यह है कि BCCI युवराज को मंजूरी देती है या नहीं।

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