Breaking News
  • जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं-धमतरी में CM योगी
  • दौसा के बीजेपी सांसद हरीश मीणा कांग्रेस ज्वॉइन करेंगे
  • गहलोत बोले, मैं और सचिन पायलट मिलकर लड़ेंगे चुनाव
  • SC ने प्रशांत भूषण से कहा, कोर्ट में उतना ही बोलें जितना ज़रूरी हो

पैसों के कारण पाकिस्तानी टीम की भारी बेइज्जती, जाने क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली: भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को चलाने वाली संस्था बीसीसीआई दुनिया भर में सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के तर्ज पर पहचान रखती है, जिसके खाते में कुल कितने पैसे हैं शायद इसका सटीक अंदाजा आप नहीं लगा सकते। वहीं दुनिया के कुछ अन्य देशों की बात करें तो वहां क्रिकेट को चलाने वाली संस्था आर्थिक तंगी से जूझ रही है।

file

ऐसे ही एस मामले की चर्चा इन दिनों जोरे पर चल रही है, क्योंकि इस देश का बोर्ड इस तरह के आर्थिक तंगी से जूझ रहा है कि उसके पास खिलाड़ियों को होटल में ठहराने के लिए भी पैसे कम पड़ गए और उसे दुनिया भर में बेइज्जती का सामना करना पड़ा। दरअसल, यह मामला पाकिस्तान टीम से जुड़ा है जो इन दिनों जिम्बाब्वे दौरे पर है।

विद्या के मंदिर में दरिंदगी, मासूम बच्चों को तहखाने में किया बंद

खबरों के अनुसार, जिम्बाब्वे के दौरे पर गई पाकिस्तानी टीम शुक्रवार को बुलावायो में मेजबान टीम के साथ मैच खेलने वाली है, जिसके लिए सोमवार को पाकिस्तानी टीम हररे से रवाना होकर बुलावायो पहुंचने वाली थी। लेकिन जिम्बाब्वे क्रिकेट की आर्थिक तंगी के कारण पाकिस्तान टीम को हरारे से बुलवायो जाने में देरी का सामना करना पड़ा।

बताया जाता है कि जेडसी पाकिस्तानी टीम को ठहराने के लिए होटल का इंतजाम नहीं कर सकी। जानकारी के अनुसार जिस होलटल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को ठहरना था, उसकी बुकिंग के लिए जेडसी पूरी रकम नहीं चुका सकी इस कारण बुकिंग रद्द कर दी गई और पाकिस्तान की टीम हरारे मे ही अटक गई है।

क्या वाकई अंबानी के जेब में है मोदी सरकार, जाने क्या है पूरा झोल!

जिसके बाद अब खबर है कि पाकिस्तानी टीम नए शेड्यूल के तहत गुरुवार को बुलावायो रवाना होगी। बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ त्रिकोणीय टी-20 के फाइनल में जीत दर्ज करने के बाद हरारे में थी। जिसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ पाकिस्तानी टीम को पांच वनडे मैचों का सीरीज खेलना है।

इस बीच आपको यह भी बता दें कि आर्थिक तंगी से जूझ रही जिम्बाब्वे बोर्ड ने पैसो के कारण अपने घरेलू टूर्नामेंट स्थागित करने के साथ ही खिलाड़ियों और कर्मचारियों को भी पैसे नहीं दे सकी है, हालांकि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने जिम्मबाब्वे बोर्ड को मदद का भरोसा दिलाया है।

फीफा 2018 के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम

loading...