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आखिर क्या चाहती है जिद्दी गिल्लियां, अब तो विराट भी आए सामने

नोएडा: विश्व कप 2019, खेल के साथ साथ अन्य बहुत सी बातों के लिए सुर्खियां बटोर रहा है। जिनमें से सबसे  पहले महेंद्र सिंह धोनी के बलिदान बैज इन्सिग्निआ के साथ मैदान पर उतरना और उसके बाद अफगानिस्तान के विकेट कीपर बल्लेबाज़ मोह्हमद शहजाद जो की शानदार फॉर्म में चल रहे थे उनका अफगानिस्तान  टीम प्रबंधन पर आरोप लगाना की उनको जानबूझ  के टीम से बाहर किया गया है, इन विवादों ने अभी ढंग से थमने का नाम नहीं लिया की एक नया विवाद खड़ा हो गया और वो विवाद उस चीज़ पर है जो की क्रिकेट में प्रयोग होने वाली सबसे हल्की एस्सेसरीज है ,जी हां हम बात कर रहे है स्टंप्स के ऊपर प्रयोग होने वाली गिल्लियों की जो की बॉल लगने के बाद भी गिरने का नाम ही नहीं ले रही है। 

ऐसा एक बार नहीं दो बार नहीं अब तक खेले गए 15 मैचों में पांच बार ये वाक्या देखने को मिला। बॉलर ने बाल किया ,गेंद  सीधा स्टंप्स पर लगा लेकिन गिल्लियों की इतनी जुर्रत की उन्होंने गिरना तक उचित नहीं समझा। यही कारण है की नयी टेक्नोलॉजी से परिपूर्ण "ज़िंग बेल्स" को ज़िद्दी बेल्स के नाम से सम्बोधित करना पड़ रहा है। अभी तक तो यही कयास लगाए जा रहे है कि गिल्लियों के भारी होने के कारण ऐसा हो रहा है लेकिन ICC ने इस बात का पूरी तरह से खंडन करते हुए कहा है।

नयी टेक्नोलॉजी से बनी ये ज़िंग बेल्स पहले प्रयोग होने वाली गिल्लियों से भी हलकी है, मैच में और भी ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए ज़िंग बेल्स को प्रयोग में लाया गया और विश्व कप के बीच में इनको बदलने का उसका कोई इरादा नहीं  है, हालांकि भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलियन कप्तान फिंच इस बात को ले के नाराज़गी ज़ाहिर की है, फिंच ने कहा की उनको भी पता था की वार्नर आउट थे लेकिन गिल्लियों के ने न गिरने फैसला हमारे पक्ष में गया, लेकिन बार बार ऐसा होना गलत है, वहीं विराट कोहली ने भी कहा की सेमीफइनल  से पहले ICC को इस पर विचार करना चाहिए सेमीफइनल और फाइनल में इस एक भूल से  बड़े से बड़े परिणाम  बदल सकते है। 

आइये एक नज़र डालते है कब कब बाल स्टंप्स पर लगी लेकिन ज़िद्दी गिल्लियां जस की तस ही रही...

दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले मुकाबले में इंग्लैंड के स्पिनर आदिल रशीद की एक बाल डिकॉक के बल्ले से लगने के बाद  सीधा स्टंप्स का स्टंप्स का किनारा लेती हुई निकल गयी लेकिन बेल्स नहीं गिरी।

न्यूज़ीलैड बॉलिंग अटैक की सबसे तेज़ धार ट्रेनर बोल्ट  की एक गेंद श्रीलंका के कप्तान दिमुथ को चकमा देते हुए स्टंप्स को छूती हुई निकल गयी लेकिन रिजल्ट इस बार भी पुराना, गिल्लियां अपनी जगह से डिगी तक नहीं।

ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के मैच में स्टार्क की एक गेंद क्रिस गेल के स्टंप्स को छू के निकल गयी ,बॉलर को आवाज़ आने के कारण लगा की गेंद बल्ले से टकराकर गयी है और अंपायर ने भी गेले को आउट करार दे दिया। गेले ने इसका रिव्यु लिया तो पता चला की गेंद बल्ले से नहीं स्टंप्स से टकराई है ,और गिल्लियो के न गिरने की वजह से  अंत में नॉट आउट करार दिए गए।

मेजबान इंग्लैंड और बांग्लादेश के मैच में बेन स्टॉक्स की एक बॉल मोह्हमद सैफुद्दीन को बीट करती हुई स्टंप्स पर जा लगी और गिल्ली एक बार फिर  नहीं गिरी

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच  खेले गए रोमांचक मुकाबले में जसप्रीत बुमराह की एक गेंद डेविड वार्नर को चकमा देती हुई स्टंप्स पर जा लगी ,लाइट तो जली लेकिन गिल्लियां नहीं गिरी,परिणाम वही वार्नर नॉट आउट रहे।

धोनी के बैज मामले को इतनी गंभीरता से लेने वाली ICC कई दिग्गज खिलाड़ियों के शिकायत पर भी इस मामले में कोई संज्ञान लेती नहीं दिख रही है, अगर ऐसा ही रहा तो मैच के परिणामो में बड़ा अंतर आ सकता है। यहा पर  गिल्लियां और  ICC  दोनों ही ज़िद पर अड़े हुए है।

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