Breaking News
  • आज देश मना रहा है कि 47वां विजय दिवस
  • यूपी: रायबरेली दौरे पर पीएम मोदी, आधुनिक कोच फैक्ट्रीे का किया निरीक्षण
  • एमएनएफ अध्यक्ष ज़ोरामथंगा बने मिजोरम के नए मुख्यमंत्री

सालों बाद मिला पूर्व वैज्ञानिक को न्याय, मिला ‘भारी-भारकम’ मुआवजा

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के पूर्व वैज्ञानिक को 50 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया है। यह मामला इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एस. नांबी नारायणन से जुड़ा है, जिनका आरोप है कि जासूसी के झूठे मामले फंसा कर उनका जीवन बर्बाद कर दिया गया और उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया है।

मामले पर पिछले काफी दिनों से जारी बहस के शुक्रवार को पूर्व वैज्ञानिक बड़ी राहत देते हुए कोर्ट ने अहम फैसला सुनया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ की पीठ ने मुआवजे का आदेश देने के साथ ही मामले से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच किए जाने का भी आदेस धिया है।

जम्मू-कश्मीर में 17 मरे, 8 को हेलीकॉप्टर भेजा गया जम्मू

कोर्ट के अनुसार, मामले की जांच के लिए एक समिति के गठन किया जाए। बता दें कि पीड़ित वैज्ञानिक ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्हेंने ही उन्हें इस मामले में फंसाया। कोर्ट के आदेश पर बन रही जांच समिति का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और इसमें केंद्र एवंम केरल सरकार के एक-एक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

498 ए: दहेज उत्पीड़न के मामले में सुप्रीम कोर्ट का कड़ा फैसला, पति की खैर नहीं!

आपको बता दें कि वैज्ञानिक ने केरल पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा उन्हें झूठे मामले में फंसाए जाने को लेकर  याचिका दायर करते हुए केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें कोर्ट ने मामले में वैज्ञानिक को कथित रूप से फंसाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के फैसला बरकरार रखा था। बता दें कि यह मामला साल 1994 से जुड़ा है।

आंध्र CM के खिलाफ गैर जमानती वारंट, कोर्ट ने कहा गिरफ्तार कर पेश किया जाए!

loading...