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इस IPS अधिकारी से नेता भी खाते हैं खौफ, सोशल मीडिया पर कराया ऐसा पोल

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों कर्नाटक की एक महिला पुलिस अधिकारी डी रूपा चर्चा का केंद्र बनी हैं। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं है जब वह लोगों के बीच चर्चा में आई हैं, बल्कि इससे पहले भी कई बार सुर्खियां बटोर चुकी हैं। बता दे कि कर्नाटक की तेजतर्रार पुलिस अधिकारियों में से एक डी रूपा आईपीएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल कर्नाटक पुलिस में इंस्पेक्टर जनरल यानी आइजी हैं।

डी रूपा की हालिया चर्चा का मुख्य कारण हैं उनके द्वारा सोशल मीडिया पर कराया गया एक पोल। उन्होंने आम लोगों के बीच पुलिस को लेकर चल रही धारणाओं की पड़ताल के लिए सोशल मीडिया पर एक पोल कराया। इस पोल में उन्होंने सवाल किया, आपमें से कितने लोग अब तक पुलिस के संपर्क में आए हैं? और पुलिस के बारे में आपका ख्याल है?

इस सावल के लिए चार विकल्प भी दिए गए, सकारात्मक, नकारात्मक और कभी संपर्क में नहीं आए लेकिन नकारात्मक रवैया है और संपर्क में कभी नहीं आए लेकिन सकारात्मक रवैया है।

पुलिस अधिकारी द्वारा आयोजित पोल में 10 हजार से भी अधिक लोग शामिल हुए। लेकिन इनमें से आधे से अधिक लोगों ने नाकारात्मक जवाब दिया। इस पोल के परिणाम को अगर कम शब्दों में समझे को पुलिस को अरपनी कार्य प्रणाली में बदलाव करने की जरूरत है।

कौन हैं डी रूपा

आपको बता दें कि कर्नाटक पुलिस में तेजतर्रार पुलिस अधिकारी के तौर पर अपनी पहचान रखने वाली डी रूपा इन दिनों कर्नाटक पुलिस आईजी हैं। वह फिल्ड में एक्टीव रहने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रीय रहती हैं, और अक्सर पोस्ट करती रहती हैं। वह कई बड़े हाई प्रोफाइल मामले को लेकर भी चर्चा में रह चुकी हैं।

साल 2004 में कर्नाटक के धारवाड़ जिले की पुलिस अधीक्षक रहते हुए डी रूपा सरकारी आदेश की तामिल के लिए कर्नाटक से मध्य प्रदेश रवाना हुई थी। यहां उन्होंने उस समय की मुख्यमंत्री उमा भारती को गिरफ्तार करना था। हालांकि रूपा के हत्थे चढ़ने से पहले ही उमा भारती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

इस दौरान उमा भारती के खिलाफ करीब दस साल पुराने मामले में गैर जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। यह वारंट साल 1994 के मामले को लेकर जारी किया गया था, जिसमें उमा भारती पर आरोप था कि, उन्होंने कर्नाटक के हुबली में 15 अगस्त 1994 को ईदगाह पर तिरंगा फहराया था, जिसके कारण सांप्रदायिक सौहार्द खतरे में पड़ गया था।

साल 2017 में डीआइजी जेल रहते हुए उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की बेहद करीबी शशिकला को जेल में वीवीआइपी सुविधाएं दिए जाने का खुलासा किया था। बता दें कि जयललिता के निधन के बाद उनकी पार्टी की कमान शशिकला ने संभाली थी, लेकिन इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले में जेल जाना पड़ा था। इसी दौरान रूपा ने खुलासा किया था, कि जेल में उन्हें वीवीआइपी सुविधाएं दी जा रही है, उन्होंने बताया कि जेल में शशिकला के लिए दो करोड़ का किचन बनवाया गया है। इसके अलावा भी उन्होंने कई ऐसे खुलासे किए थे, जिसने पुलिस और राजनीतिक महकमें में हड़कंप मचा दिया था।

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