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भयंकर बाढ़: 26 सालों बाद खोला गया डैम का एक दरवाजा, दिखा अद्भुत नजारा

नई दिल्ली: केरल में पिछले काफी दिनों से जारी बारिश ने भयंकर तबाही मचाया। हालांकि शुक्रवार को बारिश कम होने के कारण हालत नियंत्रण में होता दिख रहा है, लेकिन मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गुरुवार तक मिली जानकारी के अनुसार राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 24 लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी, जो अब शुक्रवार को 27 तक पहुंच गई है।

इस बीच खबर है कि इडुक्की बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रखा था, जिसे नियंत्रण में रखने के लिए बांध के दो और द्वार को खोल दिया गया। हालांकि इसे जल्द ही बंद कर दिया जाएगा क्योंकि इसका बुरा असर संबंधित इलाको पर पड़ सकता है। इसकी जानकारी देते हुए इडुक्की से आने वाले राज्य के ऊर्जा मंत्री एम.एम. मणि ने मीडिया कहा कि, इदमलयार बांध के दो और द्वार खोलने का फैसला लिया गया है।

मंत्री ने कहा कि बांध के द्वार खोलने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि जलस्तर को 2,403 मीटर तक पहुंचने से रोका जा सके। बांध का जलस्तर गुरुवार को 2,399 मीटर के पार हो चुका था। हालांकि द्वार खोलने के बाद भी प्रवाह स्थि है और फिलहाल में बांध में जल का स्तर 2,401 मीटर तक है, लिहाजा अधिक पानी छोड़ने का फैसला लिया गया है।

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मंत्री के अनुसार, बंधा के द्वार खोले जाने के कारण एर्नाकुलम और उसके आस-पास के इलाकों में समस्या खड़ी हो सकती है, क्योंकि इदमलयार बांध से छोड़ा गया पानी इन स्थानों तक भी पहुंच सकता है। लेकिन हमे यकीन है कि हम इन्हें नियंत्रित कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ा मसला नहीं है क्योंकि हम बांध को बंद करने को जल्द से जल्द बंद करने की योजना भी बना रहे हैं।

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आपको बता दें कि बांध का एक द्वार 26 सालों के बाद खोला गया है। केरल के इडमलयार बांध की एक बड़ी खासियत है कि इसका पानी दूध जैसा सफेद होता है। आपको बता दें कि अर्नाकुलम ज़िले में भारी बारिश के कारण 169 मीटर ऊंचे बांध का जलाशय पूरी तरह से भर गया था जिसके कारण बांध के दरवाजों को समय से पहले खोल गया था।

गौर हो कि राज्य में भयंकर बाढ़ के हालत से निपटने के लिए इडुक्की, वयनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में बचाव एवं राहत कार्यो में सेना के जवान और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात है। राज्य में तेजी से बचाव कार्य जारी है और जल्द ही हालात समान्य हो सकते हैं।

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