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10 छात्रों की मौत के बाद तेलंगाना में उबाल!

हैदराबाद: तेलंगाना में आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को दो और छात्रों के आत्महत्या के बाद अब मरने वाले छात्रों की संख्या 10 हो चुकी है। छात्रों के आत्महत्या करने का सिलसिला पिछले सप्ताह इंटरमीडिएट परीक्षा के नतीजे आने के बाद शुरू हुआ है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

एक ओर अपने प्रदर्शन से नाराज छात्र आत्महत्या करने पर तुले हैं, वहीं दूसरी ओर तेलंगाना इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन का दौर भी जारी है। बता दें कि टीबीआईई ने इंटरमीडिएट 11वीं और 12वीं की परीक्षा के परिणाम 18 अप्रैल को घोषित की है, जिसके बाद से अब तक 10 छात्रों ने मौत को गले लगाया है।

बुधवार को जिन दो छात्रों ने आत्महत्या की है उनमें मेडक जिले के चिन्ना शकरमपेट गांव के रहने वाले चकाली राजू ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली जबकि वारंगल ग्रामीण जिले के छात्र मलोथू नवीन ट्रेन के आगे कूद गए, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। परिक्षा के परिणाम आने के बाद खुदकुशी करने वाले छात्रों में तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) के राज्यसभा सदस्य सी.एम. रमेश के भतीजे धरम राम भी शामिल हैं।

बता दें कि आत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या 10 बताई गई है, जबकि विपक्षी दलों का दावा है कि 10 नहीं 18 छात्रों ने खुदकुशी की है। विपक्ष ने छात्रों की खुदकुकशी के लिए टीबीआईई को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं टीबीआईई ने भी स्वीकार किया है कि परिणाम जारी करने में कुछ गड़बड़ी हुई है, लेकिन छात्रों की खुदकुशी का मामला इससे अलग है। साथ टीबीआईई ने भरोसा दिलाया है कि इस विकट समस्या का समाधान खोजा रहा है।

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