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भारत में सिक्के और नोट का इतिहास!

नई दिल्ली: 2014 लोकसभा चुनाव के बाद प्रचंड बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता पर काबिज होने वाली सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को विकास के रास्ते पर लाने के क्रम में एक से बढ़ कर एक बड़े फैसले लिए, और उन सभी फैसलों में सबसे बड़ा और चर्चित फैसला है 500 और 1000 के पुराने नोटों पर बैन लगा कर 500 और 2000 रुपये के नए नोट चलन में लाना।

गौर हो कि भारत की अर्थव्यवस्था में करीब 80 % से ज्यादा 500 और 1000 के नोटों का दबदबा था, और काले धन वाले इन नोटों को अपने पास दबा कर रखे हुए थे, यानी की इस कमाई के लिए उन्होंने सरकार को कोई टैक्स नहीं दिया है।

पुराने नोटों के बंद होने के बाद नए नोटो की आपूर्ती में लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सरकार इसे जल्द से जल्द बहाल करने की बात कह रही है। आपको बता दें भारत में ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है जब पुराने नोटों को बैन किया जा रहा है।  

इन दोनों नोटों पर चर्चा के साथ-साथ सियासत भी जमकर हो रही है, इस बीच आज हम भारत में सिक्के और नोटों की पड़ताल करने जा रहे है।...भारतीय मुद्रा में वैसे तो आजादी के पहले से ही बदलाव का क्रम जारी रहा है।

  • खबरों के अनुसार भारत में 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व से ही सिक्कों का इतिहास देखा जा रहा है
  • अगल-अगल शासकों ने अपने शासन में कई बदलाव किए।
  • ‘रुपया’ शब्द का जन्म ‘रुपयक’ शब्द से हुआ, जोकि एक संस्कृत शब्द है।
  • ‘रुपयक’ का अर्थ होता है ‘चांदी’, और रुपया को संस्कृत में ‘चिन्हित मुहर’ कहते है।
  • 15 वीं सदी में   रुपये की शुरुआत शेर शाह सूरी ने की, तब तांबे के 40 टुकड़े का मान एक एक रुपया था।
  • ब्रिटिश शासन काल में में चांदी के रुपये चलन में आए, इस दौरान 11.34 ग्राम के सिक्के का मान था।
  • 1815 में मद्रास प्रेसिडेंसी ने फनम के आधार पर मुद्रा जारी किया, तब 12 फनम का मान एक रुपया था।
  • 1835 तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की तीन प्रेसिडेंसियों (बंगाल, बॉम्बे और मद्रास) ने अपने अपने सिक्के जारी किए।
  • 1862 में नए सिक्के जारी किये गए जिसे शाही मुद्रा करार दिया गया।
  • इन सिक्कों के एक साइड महारानी विक्टोरिया का चित्र और दूसरे साइड भारत का नाम था।
  • आजादी के बाद भारत में पहला सिक्का सन् 1950 में जारी किया गया।
  • 1861 में 10 रुपये के नोट के रुप में कागजी मुद्रा चलाया गया।
  • इस समय बैंक ऑफ हिंदुस्तान, जनरल बैंक ऑफ बंगाल, बिहार और बंगाल बैंक ने जारी किए।
  • 1864 में 20 रुपये का नया नोट आया।
  • 1872 में 5 रुपये का नोट आया।
  • 1900 में 100 रुपये का नोट आया।
  • 1905 में 50 रुपये का नोट आया।
  • 1907 में 500 रुपये का नोट आया।
  • 1909 में 1000 रुपये का नोट जारी किया गया।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने 1938 से नोटों को बनाना शुरु किया।
  • 1947 में रुपये का डेसीमलाइज हुआ, जिसमे रुपये को 100 नए पैसे में बांटा गया।
  • 1964 में नया शब्द हटा दिया गया, और तब से सिर्फ पैसा हो गया।
  • आजादी के बाद तांबे के सिक्के बनते थे।
  • इसके बाद 1964 में एल्यूमिनियम के सिक्के आए
  • 1988 में स्टेनलेस स्टील के सिक्के जारी किए गए।
  • 2010 में डी उदय कुमार द्वारा बनाए गए भारतीय रुपये के चिन्ह को अपनाया गया।
  • इस चिन्ह को लैटिन अक्षर ‘आर’ और देवनागरी अक्षर ‘र’ को मिला कर बनाया गया है
  • इसके दो लाइनें भारत के राष्ट्रीय ध्वज को दिखाता है।
  • 1966 में 10 रुपये के नोट पर महात्मा गांधी फोटो छपी थी।
  • हर नोट पर 17 भारतीय भाषाओं में उसके राशि लिखी रहती है।
  • भारत में पहली बार 75, 150 और 1,000 रुपये के सिक्कों को बनाया गया था।
  • इन सिक्कों को भारतीय रिजर्व बैंक की प्लैटिनम जुबली, रवीन्द्रनाथ टैगौर की 150वीं जयंती और बृहदेश्वर मंदिर के 1000 साल पूरे होने के अवसर पर बनाया गया था।
  • 2016 में मोदी सरकार ने 500 और 1000 के नोटों को बैन कर 500 और 2000 के नोटों के साथ लगभग सभी नोटों को नए तरीके से लाने का आदेश जारी किया।