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समूचे पूर्वोत्तर पर बड़ा खतरा: 7 लाख लोग प्रभावित, मदद के लिए उतरा केंद्र!

पूर्वोत्तर: दक्षिण-पश्चिम मानसून के बाद पूर्वोत्तर के सभी राज्यों पर बारिश किसी आपदा की तरह बनकर टूटी है। यहाँ रविवार से शुरू हुई भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गयी है। जिससे पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्से जलमग्न हो गये हैं। बाढ़ की चपेट में 2 लाख आ चुके हैं।

बतादें कि पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश, मुसीबत बनकर बरस रही है। यहाँ दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रभावी होते ही बारिश ने उग्र रूप रख लिया है। पिछले दिनों से लगातार जारी बारिध के कारण पूर्वोत्तर के राज्यों के कई इलाकों में बाढ़ आ गयी है। जिसमें लाखों लोगोंको अपना घर छोड़ना पड़ा है। गुरुवार को यहाँ हुई तेज बारिश के बाद हालत और भी खराब हो गई है। असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मिजोरम में बारिश के बाद बाढ़ आ गयी है। पूर्वोत्तर राज्यों में आई बाढ़ में अभी तक 12 लोगों के मारे जाने की खबर है।

वहीँ बाढ़ में 2 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो गयी हैं। पूर्वोत्तर के असम के सात जिलों में बाढ़ से स्थिति विकराल हो गयी है। जिससे चार लाख चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक होजाई, कर्बी आंगलांग पूर्व, कर्बी आंगलांग पश्चिम, गोलाघाट, करीमगंज, हैलाकांडी और कछार जिले में 3.87 लाख लोग प्रभावित हुए है।

जिन्हें जिसे सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में भेजा गया है। बारिश और बाढ़ के बीच भूस्खलन की घटनाओं से यातायात भी प्रभावित हो गया है। बंदरखल और दामछड़ा स्टेशनों के बीच जमीन खिसकने के कारण लामडिंग बदरपुर खंड पर रेल सेवा ठप हो गयी है। मिजोरम में राजधानी आइजोल को आने वाली सड़क ही कट गयीं हैं जिससे राजधानी से संपर्क टूट गया है। त्रिपुरा में भी बाढ़ के बाद हालत बदतर हो गये हैं। राज्य के सीएम विप्लब कुमार देब ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन कर मदद मांगी है।

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