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त्रिपुरा: इंसान ही नहीं चीटियों की भी घुसपैठ को पकड़ लेगी यह लेजर तकनीकी

अगरतला: भारत और बांग्लादेश की सीमा को सुरक्षा और घुसपैठ को रोकने के लिए बॉर्डर सिक्यूरिटी फ़ोर्स (बीएसएफ) बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिससे बांग्लादेश से भारत में दाखिल करने वाली चीटियों का भी पता चल जाएगा।

बतादें कि त्रिपुरा में भारत और बांग्लादेश के बीच लगती सीमा पर घुसपैठ बड़ी समस्या है। जिसके कारण बड़े पैमाने पर बांग्लादेश और म्यांमार के रोहिंग्या अवैध रूप से भारत में दाखिल हो जाते हैं। ऐसे में इसको रोकना और नजर बना पाना बड़ा कठिन काम है लेकिन अब बीएसफ भारत - बांग्लादेश सीमा के पास लेजर की दीवारें खड़ी करने पर विचार कर रहा है। बीएसएफ के त्रिपुरा फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि, भारत बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लेजर की दीवारें खड़ी करने का विचार किया है। इससे पहले जवान सुरक्षा के लिए सेंसर उपकरण, फ्लड लाइटों और गॉगल्स का इस्तेमाल करते ही आ रहे थे।

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सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि, 'भारत-बांग्लादेश सीमा के पास प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए लेजर की दीवारें लगाना चाहते हैं, जिस पर ऊपरी स्तर पर तैयारी चल रही है'। हालाँकि अधिकारी ने यह नहीं साफ़ किया है कि इस पर कब से काम शुरू होगा। अधिकारी ने आगे बताया कि असम के धुबरी अंतर्राष्ट्रीय सीमा के संवेदनशील इलाकों में ऐसी ही एक परियोजना पूरी होने वाली है।

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जहाँ से परिणामों को देखते हुए त्रिपुरा में इस मॉडल को लागू करने पर फैसला लिया जाएगा। आपको मालूम हो कि त्रिपुरा, मेघालय, सिक्किम, असम और मणिपुर अजसी राज्यों की कुछ सीमाएं बांग्लादेश से लगी हुई हैं। ऐसे में यहाँ कुछ जगहों पर घुसपैठ बड़ी समस्या बनी हुई है। जिसके बाद ही यह फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि लेजर या सेंसर दीवार से गुजरने वाली चीटी को भी देखा जा सकेगा।

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