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‘मदर्स डे’ का वो अनसुना इतिहास, जानें कैसे हुई इसकी शुरूआत

 मां ...। आखिर क्या होती है मां? क्या करती हैं मां? सारी दुनिया से भी क्यों अनमोल हैं मां? क्या हम एक दिन में अपनी मां को वो सारी खुशी दे सकते है, जिनकी वो हकदार है? मदर्स डे, आखिर क्यों जरूरत पड़ी इस डे की?

पहले हम बात करते है मां की। मां वो होती है जो प्राकृति का निर्माण करती है। जीवन का संचार करती है। प्यार की प्रतिमूर्ति होती है। पीपल का छांव होती है मां।

क्या करती है मां? अपने एक अजन्मे बच्चों को संसार में आने से पहले ही उसका ख्याल रखना। उसे इस संसार में लाने के लिए अपने को तैयार करना। कई गुना कष्टों को सहकर एक नये जीवन को जन्म देना। फिर उसे उन सभी चीजों से बचाना, जिससे उसे कष्ट हो।

क्यों अनमोल हैं मां? जब शिशु छोटा होता है तो मां उसे अमृततुल्य एक ऐसा अमृत का पान कराती है, जिससे आपके शरीर में हर तरह के किटाणुओं से लड़ने की क्षमता आ जाती है। मां हर कष्टों को सहकर अपने शिशु को खुश रखना चाहती। वो भले ही रोटी का एख टूकड़ा खाकर रह जाएं लेकिन वो अपने पूरे परिवार को भरपेट भोजन करवाती है। जब आप चिंताओं में होते हैं तो मां आपके मुख को देखकर ही आपके कष्टों को परख लेती है। मां के आशीर्वाद में वो शक्ति है जिसकी ताकत ईश्वरीय शक्ति में भी नहीं हैं। मां के शक्ति के सामने भगवान को भी विवश होना पड़ा है। मां के आंचल में वो शक्ति है जो हर बुराईयों को आपसे दूर करता है।

कहा जाता है कि इस धरती पर कहीं स्वर्ग हैं तो यहीं हैं लेकिन यह स्वर्ग कहीं और नहीं मां के चरणों में है।

मां के बारे में हम आपको जितना भी बताएं वो बहुत कम है।

हम एक दिन में अपनी मां को वो हर खुशी नहीं दे सकते जिसकी वो हकदार है। लेकिन वो अपने बच्चों से इसकी मांग नहीं करती। वो चाहती है कि उनका बच्चा खुश रहें। भले ही वो कितने भी कष्टों में क्यों न हो पर अपने बच्चों को उन कष्टों से दूर रखते है।

इस डे की शुरूआत अमेरिका से हुई। वैसे भी अमेरिका एक ऐसा देश है जहां एकिय परिवार प्रणाली है। मां – पिता अलग और बच्चे अलग। ऐसा माना जाता है कि अमेरिकी एक्टिविस्ट एना जार्विस द्वारा मदर्स डे मनाए जाने से इस ट्रेंडकी शुरूआत हुई।  एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। इसलिए उन्होंने न कभी शादी की और न उनका कोई बच्चा था। वो हमेशा अपनी मां के साथ रहीं। जब उनकी मां इस दुनिया को छोड़कर चल गई, तब उन्होंने मां के प्रति इस प्यार जताने के लिए इस दिन की शुरुआत की। जिसके बाद धीरे-धीरे कई देशों में मदर्स डे ( Mother's Day ) मनाया जाने लगा।

 

अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने 9 मई 1914 को एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्ड डे मनाया जाएगा। अमेरिका में इस लॉ के पास होने के बाद भारत समेत कई और देशों में भी मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाने लगा।

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