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इस डिनर पार्टी में छुपा है मोदी को रोकने का सबसे खतरनाक प्लान!

नई दिल्ली: आगामी आम चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी को रोकने के लिए विपक्ष को एकजुट करने की कवायद शुरू हो गयी है। मंगलवार को यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने घर पर 17 दलों के नेताओं को डिनर पार्टी में आमंत्रित किया है। जहाँ से एकबार फिर से पूरे विपक्ष को साथ लेकर मोदी का मुकाबला करने की रणनीति बनेगी।

बतादें कि कांग्रेस पार्टी ने विपक्ष को एकसाथ लाने के लिए कदम बढ़ाने शुरु कर दिए हैं। मंगलवार को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए की प्रमुख सोनिया गांधी ने 17 के करीब विपक्ष के दलों को डिनर पार्टी में शामिल होने का न्यौता भेजा है। इस बैठक में आने वाले 17 दल के नेताओं में सपा प्रमुख, बसपा, तृणमूल कांग्रेस और एनसीपी के आने पर संशय बना हुआ है। जिससे एकजुटता से पहले ही विपक्ष में फूट दिखाई देने लगी है। हालाँकि अभी इसबात के कयास लगाये जा रहे हैं कि इन नेताओं में शाम तक कुछ आने की अनुमति दे सकते हैं।

वहीँ बाकी दलों के साथ डिनर डिप्लोमेसी के जरिये सोनिया गांधी मोदी और बीजेपी को सन्देश देना चाहती हैं कि अब उनके खिलाफ अभी भी विकल्प के तौर पर बनने वाले गठजोड़ का नेतृत्व कांग्रेस के पास ही होगा। हालाँकि इस गठजोड़ में कई गांठे कुछ ज्यादा ही टेंशन वाली है, कारण यह है कि विपक्ष का एक धड़ा तीसरे मोर्चे की बात कर रहा है। जिसमें ममता बनर्जी, मायावती, अखिलेश यादव और शरद पवार शामिल है। ऐसे में कांग्रेस को इन दलों को साथ ला पाना मुश्किल साबित होगा, जिससे आगामी चुनाव में विपक्ष का एकजुट होना मुश्किल लग रहा है।

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हालांकि कांग्रेस का मानना है कि मोदी के खिलाफ सबको एकजुट होना ही पड़ेगा और ये पूरे विपक्ष की जिम्मेदारी है। ज्ञात हो कि राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी का प्रमुख बनाये जाने के बाद भी यूपीए की कमान सोनिया गांधी के पास ही है। जिससे ममता बनर्जी, शरद पवार और मायावती जैसे नेताओं को यूपीए का हिस्सा बनने में झिझक न हो। अब देखना होगा की आज शाम की पार्टी से क्या कुछ निकलता है? क्या सोनिया गाँधी विपक्षी दलों को साथ लाने मिने कामयाब हो पाती हैं या देश में थर्ड फ्रंट के नाम से भी एक चुनाव फिर से लड़ा जाएगा।   

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