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मानव तस्करी रोकने के लिए भारत ने मिलाया UN से हाथ

नई दिल्ली: देश में मानव तस्करी, ड्रग्स और मादक पदार्थों पर रोक के लिए भारत के गृह मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने साथ में मिलकर काम करने के लिए हाथ मिला लिया है। दोनों ही मिलकर अब इस के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। यूएन और भारत का गृह मंत्रालय भारत सहित पड़ोसी मुल्कों से जो अवैध गतोविधियाँ होती हैं उन पर नजर रखेगा।

बुधवार को यूएन ऑफिस ऑफ ड्रग्स एंड क्राइम (यूएनओडीसी) और भारतीय गृह मंत्रालय ने पड़ोसी देशों से हो रही मानव तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से साथ में काम करने के लिए हाथ मिला हुआ है। यहाँ लोकसभा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह बताते हुए खुशी हो रही है कि यूएनओडीसी दक्षिण एशिया ने कानून प्रवर्तन और पुनर्वास के परिप्रेक्ष्य से एक विशेष 'ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स प्लेटफॉर्म' शुरू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा अकि कहा मानव तस्करी समाज और देश के शर्मनाक है इसे रोकने के लिए अब यूएन भी साथ आ रहा है।

उन्होंने कहा कि मानव तस्करी, स्मगलिंग, मादक पदार्थों की तस्करी बेहद चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया कि एक सर्वे के अनुसार बाढ़, सूखा, सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त क्षेत्रों से अधिक तस्करी होती है, यहाँ लोग आसानी शिकार बन जाते हैं।

यूएनओडीसी दक्षिण एशिया की प्रतिनिधी सर्गई कपिनोस ने कहा कि यूएनओडीसी की नवीनतम रिपोर्ट में तस्करी के 500 विभिन्न प्रकारों की पहचान की गई है। दुनियाभर में तस्करी के पीड़ितों में एक तिहाई बच्चे होते हैं। इस बच्चों में भी ज्यादातर लड़कियों को शिकार बनाया जाता है जिनका प्रयोग अवैध कामों के लिए होता है। यूएनओडीसी की ओर से कहा गया है कि मानव तस्करी को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना बेहद ही जरुरी है। समाज के लिए यह खतरनाक है इस पर सब को मिलकर ही काम करना होगा।  

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