Breaking News
  • UPElection: 5वें चरण के लिए चुनाव-प्रचार का आज आखिरी दिन
  • जम्मू कश्मीर: शादियों में फिजूलखर्ची पर सरकार ने पेश किया लाई बिल- मेहमानों की संख्या के साथ कई नियम
  • MCD चुनाव के लिए आप पार्टी ने किया 109 उम्मीदवारों का ऐलान
  • इंफाल: पीएम मोदी की चुनावी सभा- मणिपुर में कांग्रेस रहने को अधिकारी नहीं
  • पूर्वी भारत के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा- मोदी
  • कांग्रेस जो काम 15 साल में नहीं कर पाई, हम 15 महीनों में करेंग- मोदी
  • पुणे टेस्ट: 333 रन से हारी टीम इंडिया- दूसरी पारी में भी 107 पर ऑलआउट

500 और 1000 पर सरकार के साथ है जनता, लेकिन व्यवस्था के खिलाफ फूटा गुस्सा!


नई दिल्ली: काले धन पर नकेल कसने के इरादे से मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के बाद गुरुवार से लोगों को 500 और 2000 रुपये के नए नोट बैंक के जरिए मिलने शुरू हो गए, तो वहीं आज शुक्रवार को नए नोट ATM से ही निकाले जा सकते है।

आपको बता दें कि फिलहाल आप एक खाते और आईडी प्रूफ के जरीए एक दिन में बैंक से 4000 रुपये ही बदल सकते है, जबकि एक ATM से एक दिन में 2000 रुपये ही निकाल सकते है। हालांकि आप अपने खाते में पैनकाड दिखाकर कितना भी पैसा जमा करा सकते है।

सरकार के इस फैसले के बाद जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सभी लोग सरकार के इस फैसले के साथ है। तो क्या सरकार को ऐसी सुविधा नहीं देनी चाहिए थी कि लोगों को अपने खुन पसीने की कमाई को बदलने के लिए कम से कम मुश्किलों का सामना करना पड़े।

आपको बता दें लोगों को नए नोट बैंक के जरीए गुरुवार से मिल रहे है, लेकिन इस क्रम में लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को देश के सभी बैंकों में लोगों की भारी भीड़ देखी गई, बावजूद इसके बैंकों ने कुछ खास सुविधा नहीं दी और लोग अपने मेहनत की कमाई को बदलने के लिए घंटों लाईन में खड़े रहे, इस क्रम में कुछ की मुश्किलें तो कुछ हद तक खत्म हुई लेकिन ज्यादातर लोगो को निराश हो कर ही लौटना पड़ा।

तो वहीं शुक्रवार से नए नोट ATM से भी निकाले जा सकते है, लेकिन देश के कई ऐसे ATM है जो शुक्रवार सुबह काम ही नहीं कर रहे है, ऐसे में बैंक के साथ-साथ ATM के बाहर भी लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। बैंक के अधिकारियों का कहना है इस व्यवस्था को पूरी तरह से ठीक होने में करीब 10 दिन का समय देना पड़ सकता है।

आपको बता दें कि सरकार के इस फैसले के साथ होते हुए लोगों का गुस्सा व्यवस्थाओं के खिलाफ साफ देखा जा सकता है, और इस क्रम में बैंक कर्मियों की लापरवाही भी लोगों की परेशानी का एक कारण बन रहा है।