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लॉन्च से पहले ही चंद्रयान में आई ये खामी, 56 मिनट पहले रोका गया मिशन

नई दिल्ली : सोमवार तड़के यानी 15 जुलाई को लोगों की निगाहें टीवी स्क्रीन और इसरो की ओर टिकी हुई थी लेकिन वे सब उम्मीदें तब धूमिल हो गई जब लॉन्च से तकरीबन 56 मिनट 24 सेकेण्ड पहले ही ये लॉन्चिंग रोक दी गई। इस लॉन्चिंग के रोकने का कारण था तकनीकी खामी को बताया जा रहा है। हालांकि वैज्ञानिक इसके कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहें है कि आखिर अंतिम समय में इसमें कौन सी खामी आ गई।

सूत्रों की मानें तो जिस समय यह काउंटडाउन रोका गया था, उसे देखते हुए यह लगता है कि क्रायोजेनिक इंजन और चंद्रयान-2 को जोड़ने वाले लॉन्च व्हीकल में लॉन्च के लिए सही प्रेसर नहीं बन रहा था। इसलिए लॉन्च को रोक दिया गया। लॉन्च को रोकने के बाद इसरो के वैज्ञानिक ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर लॉन्च से पहले ये तकनीकी खामी कहां से आई।

इसरो के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार वैज्ञानिक इन खामियों को जल्द दूर करने की प्रयास कर रहे है। अगर ये खामियां जल्द दूर हो गई तो एक बार फिर इस यान को बहुत ही जल्द लॉन्च किया जाएगा, यानी चार दिनों के अंदर। चार दिनों के अंदर अगह यह चंद्रयान नहीं लॉन्च हो सका तो इस यान को तीन महीनों के लिए टाल दी जाएगी।

इसरो के विश्वस्त सूत्रों की माने तो ये खामियां रॉकेट या चंद्रयान-2 में नहीं है। जो खामी आई है वह जीएसएलवी-एमके3 के क्रायोजेनिक इंजन और चंद्रयान-2 को जोड़ने वाले लॉन्च व्हीकल में आई है। प्राथमिक जांच में लॉन्च व्हीकल में प्रेशर लीक की कमी देखी गई है। इसलिए अब रॉकेट के सभी पार्टों को अलग-अलग करके जांच की जाएगी। चंद्रयान-2 अभी जिस हालत में है, उसे उसी स्थिति में सुरक्षित रखा गया है। अगर हम रॉकेट को अलग करके जांच करें तो इसमें काफी समय लगेगा।

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