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शाह के पद संभालते ही सामने आई ये बड़ी समस्यां, कैसे होगा समाधान

नई दिल्ली: पीएम मोदी और राजनाथ सिंह के बाद तीसरे नंबर पर शपथ लेने वाले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को शुक्रवार यानी 31 मई को गृहमंत्री पद का शपथ दिलाया गया। जिसके बाद उन्होंने आज यानी 1 मई को इस पद का पदभार ग्रहण किया। इस पद्भार को ग्रहण करते ही बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के सामने ऐसी कई चुनौतियां सामने खड़ी हो गई है, जिसका जल्द समाधान करना शाह के लिए अनिवार्य होगा। आखिर क्या है वो चुनौतियां

वो चुनौतियां है कश्मीर में अनुच्छेद 370 और धारा 35-ए एवं NRC। जिसका जल्द से जल्द हल करना अमित शाह का प्रमुख लक्ष्य होगा। क्योंकि अपने चुनावी सभा के दौरान बीजेपी ने इन तीन प्रमुख मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। जिससे अब पुनः शासन में बीजेपी के आने के बाद देश की जनता उनकी ओर टकटकी लगाएं देख रही है कि बीजेपी इन मुद्दो पर क्या कदम उठाती है।

चूंकि शाह को आधुनिक सियासत का चाणक्य भी कहा जाता है औऱ चाणक्य अपने बुद्धि का इस्तेमाल किस प्रकार करते है यह देखनेलायक होगा। क्योंकि शाह ने अपने चाणक्य बुद्धि के बल पर ही लगातार 2 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को प्रचंड जीत दिलाया है। पीएम मोदी भी इन पर आंख मूंदकर भरोसा करते है। जय-वीरू यानी शाह औऱ मोदी की जोड़ी क्या कमाल दिखाती है यह तो आनेवाला समय ही बताएगा।  

अगर हम अमित शाह औऱ नरेंद्र मोदी के पिछले कुछ समय को देखें तो केंद्र सरकार से पहले, अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने गुजरात मंत्रालय में एक साथ काम किया है। 2019 के आम चुनावों में, अमित शाह ने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र से 5.5 लाख से अधिक मतों के अंतर से चुनाव लड़ा और जीता। जिससे उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। वहीं 2010 में शाह को सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले में जेल की हवा भी खानी पड़ी थी, जिसके बाद उन्हें गुजरात से दूर रहने के सशर्त पर जमानत मिली । जिसके करीब चार साल बाद, अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और पार्टी को शीर्ष ऊंचाइयों पर ले गए।

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