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राष्ट्रपति कोविंद का वो पत्र जिसने कमजोर की कश्मीर की 370 धारा

नई दिल्ली : राज्यसभा में सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह द्वारा अनुच्छेद 370 हटाने की पेशकश की गई, जिसके बाद सदन में जमकर बवाल हुआ। लेकिन इस बवाल के पीछे होने की वज़ह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का वो पत्र है जिसे अमित शाह ने सदन में पेश किया। हालांकि शाह के इस ऐलान के बाद कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जा अब खत्म हो जाएगा। वहीं लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश राज्य का दर्जा मिल जाएगा।   

गृह मंत्री शाह ने राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा दी गई मंजूरी को पेश किया। उन्होंने सदन में संकल्प पत्र को पढ़ा, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। राष्ट्रपति का वो आदेश...

गौरतलब हैं कि गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर को लेकर दो संकल्प पत्र और दो बिल पेश किए। जिसके बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ और विपक्ष ने बवाल कर दिया।

इसके साथ ही मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन विधेयक को पेश किया। इसके तहत जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया गया। लद्दाख को बिना विधानसभा केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है।

अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्ज दिया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें।

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