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एक बार फिर विवादित बयान देकर पीछे हटे थरूर, कहा, ‘मैं कांग्रेस का नहीं …

नई दिल्ली : कांग्रेसी नेता शशि थरूर एक बार फिर विवादित बयान देकर फंसते जा रहें है। थरूर के विवादित बयान देने के बाद कांग्रेस पार्टी इनसे किनारा कर लिया है। अपने साथ किसी को खड़ा न पाते देख थरूर को एक बार फिर पीछे हटना पड़ा। आपको बता दें कि शशि हमेशा अपने विवादित बयान को लेकर अक्सर चर्चा में रहते है। इन पर अपनी पत्नी हत्या (सुनंदा पुष्कर) की मर्डर का केस चल रहा है। जिसका अभी तक कोई नतीजा नहीं आया है। अब आइये हम आपको बताते है कि शशि थरूर ने क्या विवादित बयान दिया था।

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दरअसल बात यह है कि तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने एक कार्यक्रम में कहा था, 'ज्यादातर हिंदू मानते हैं कि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है... लेकिन मेरा यह भी मानना है कि कोई अच्छा हिंदू ऐसी जगह पर राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहेगा, जहां किसी और के पूजा स्थल को तोड़ा गया हो।'

'कोई भी अच्छा हिंदू यह नहीं चाहेगा कि किसी धार्मिक स्थल को गिराकर राम मंदिर बने।' जिसके बाद विभिन्न पार्टियों ने जमकर इनकी आलोचना की। बीजेपी ने थरूर के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कांग्रेस व उसके अध्यक्ष राहुल गांधी को 'हिंदू विरोधी' बताया।

अपने बयान पर विवाद बढ़ता देख थरूर ने जोर दिया कि यह उनका निजी बयान है। थरूर ने ट्वीट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि एक कार्यक्रम में उनसे उनकी निजी विचार के बारे में सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि मैं कोई कांग्रेस पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं, इसलिए मेरे बयान को पार्टी से नहीं जोडें।

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उधर बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि शशि थरूर को हिंदू धर्म के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं हैं। वह ऐसा जीवन जीते रहे हैं, जिनका हिंदुत्व से कोई लेना देना नहीं है। वह अपने को आध्यात्मिक शक्ति बताने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने अपना 'संतुलन' खो दिया है।

कांग्रेस ने थरूर के इस बयान से दूरी बनाते हुए कहा कि उन्होंने निजी हैसियत से अपना यह बयान दिया है। पार्टी ने कहा कि राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले पर उसका यह रुख बरकरार है कि इसमें सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला करता है, उसे सभी को मानना चाहिए।

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