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शर्मनाक: मोदी राज में किसानों को खाना पड़ रहा मानव मल

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर मंतर तमाम मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मानव मल खाकर सरकार का ध्यान अपनी ओर खीचने की कोशिश की। मालूम हो कि तमिलनाडु ने किसान राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर दो माह से प्रदर्शन कर रहे हैं।

किसान की किसी देश की सबसे बड़ी पूंजी होती है, लेकिन भारत में किसानों की कद्र कभी नहीं हुई है। सरकार से लेकर आमजन तक उम्मीद तो करते हैं कि उन्हें समय पर हर सब्जी, अनाज मिल जाए, लेकिन किसानों की समस्याओं को लेकर कोई भी इनके साथ खड़ा होता नहीं दिखता है। भारत में फिर चाहे मंदसौर का किसान हो या तमिलनाडु का, या फिर राजस्थान का।

किसान-किसान ही होता है उसका काम ही है कि वह पहले मेहनत से फसल उगाये, उसके बाद फसल का सही दाम पाने के लिए सरकार के सामने प्रदर्शन करे। ऐसे ही लम्बे समय से तमिलनाडु के 50 के करीब किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अपनी आवाज को सरकार तक पहुंचाने के लिए किसानों सबसे घिनौना और कठिन काम करना पड़ रहा है।

ख़बरों की माने तो तमिल किसानों ने रविवार को मानव मल खाने जैसा कठोर कदम उठाया, जिससे उनकी आवाज सरकार तक पहुँच सके। तमिल किसान नेता पी. अय्याकान्नू ने बताया कि हमने सुबह के समय प्लास्टिक के बैगों में मलमूत्र इकट्ठा कर लिया और फिर उसे खाया। किसान लगातर तमिलनाडु ने सूखा की मार झेल रहा है।

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हालत इतने खराब हो गये हैं कि किसानों को आत्मह्त्या करनी पड़ रही है। किसान नेता ने कहा कि सुखा, खराब मौसम आदि के कारण फसलें बर्बाद हो गयी लेकिन सरकार ने किसी का मुआवजा तक नहीं दिया। इसके साथ ही सरकार किसानों का कर्ज भी नहीं माफ़ कर रही है। ऐसे में उनके सामने इसके सिवाय कोई भी चारा नहीं था।

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