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बचपन से जवानी तक जानिए कैसी रही सुषमा की कहानी ?

नई दिल्ली : पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अब हमारे बीच नहीं रही, लेकिन उनकी यादें समर्थकों के दिल में हमेशा रहेंगी। ट्विटर पर सबकी मदद कर अलग पहचान बनानेवाली सुषमा की भाषण शैली के कायल उनके विरोधी भी थे। बतौर विदेश मंत्री ही नहीं सूचना प्रसारण मंत्री रहते हुए भी उन्होंने बड़े फैसले लिए।जो मात्र 25 साल की उम्र में वो चुनाव लडकर विधायक बनी थी। महिलाओ के लिए एक मिशाल शक्ति के रुप में वो जानी जाती थी । सुषमा निधन  67 साल की उम्र में  हो गया । अब बात करेगें की सुषमा का राजनीती सफर कैसा था ।

14 फरवरी 1952 को हरियाणा के अंबाला में पैदा हुई सुषमा स्वराज ने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की थी । सुषमा ने 25 साल की उम्र में सबसे पहला चुनाव लड़ा था । वह हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनी थीं । आपातकाल के दौरान सुषमा ने जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रांति आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । आपातकाल के बाद वह जनता पार्टी की सदस्य बन गयीं । 80 के दशक में भारतीय जनता पार्टी के गठन पर सुषमा बीजेपी में शामिल हो गयीं । वह अंबाला से दोबारा विधायक चुनी गयीं और बीजेपी-लोकदल सरकार में शिक्षा मंत्री बनाई गयीं.आपको बता दे कि सुषमा स्वराज दिल्ली से देश की पहली महिला मुख्यमंत्री 1998 में बनी थीं ।

1990 में सुषमा राज्य सभा की सदस्य बनीं । छह साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद 1996 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव जीतीं और अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिनों की सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री बनाई गयीं । इसी दौरान उन्होंने लोकसभा में चल रही डिबेट के लाइव प्रसारण का फ़ैसला किया था । और 1998 में सुषमा दोबारा दक्षिण दिल्ली संसदीय सीट से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुई । 

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