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कर्नाटक संकट पर सुप्रीम कोर्ट का बढ़ा फैसला, सत्ता में आ रही है BJP

नई दिल्ली: सत्ता में आने के साथ ही सियासी संकट का सामना कर रही कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी की सरकार के लिए गुरुवार का दिन काफी अहम है। विधायकों और मंत्रियों के बगावत से जूझ रही कर्नाटक सरकार अल्पमत में चल रही है। विधानसभा में 18 जुलाई को विश्वास मत पर होने वाली चर्चा से पहले 15 बागी विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश सुनाया।

अपने फैसले में कोर्ट ने काहा कि बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। वे शामिल होने और न होने के लिए स्वतंत्र है। साथ ही कोर्ट ने कि बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसाल विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार ही करें।

कोर्ट के इस फैसले के बाद और सदन में बहुमत परीक्षण से पहले सियासी गुणा-भाग का खेल शुरू हो गया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सत्ता और विपक्ष के लिए कई सियासी रास्ते खुल गए हैं। अगर स्पीकर बागी विधायकों का इस्तीफे स्वीकार करते हैं और इस सूरत में बहुमत परीक्षण होता है तो सदन की कुल सदस्य संख्या 224 से घटकर 209 होगी, ऐसे में बहुमत के लिए 105 विधायकों का समर्थन जरूरी होगा।

इस लिहाज से विधानसभा चुनाव में 105 सीटें जीतने वाली बीजेपी के लिए भी सत्ता की संभावना दिख रही है। जबकि विधायकों के बगावत के बाद कांग्रेस और जेडीएस के पास 102 सदस्य बचे हैं। इस लिहाज से कर्नाटक सरकार से खतरा नहीं टला है, सरकार का भविष्य अब सिर्फ स्पीकर के फैसले पर ही निर्भर करता है, जिसके लिए 18 जुलाई तक का इंतजार करना होगा।

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