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हमारा ‘ताज’ ताज है एफिल टावर तो टीवी टावर की तरह है, नहीं देख सकते तो ध्वस्त कर दो!

नई दिल्ली: दुनिया के कुछ गिने-चुने अजूबों में शुमार उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल की देख रेख के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर लताड़ लगाई। कोर्ट के जज ने साफ तौर पर कहा कि अगर आप सही से इसकी देख-भाल भी नहीं कर सकते तो इस धव्स्त क्यों नहीं कर देते? जज साहब ने ऐसी बात सरकार के रवैये से परेशान होकर किया।

आपको बता दें कि ताजमहल के समुचित देखभाल के मामले को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि इस के लए केंद्र की ओर से क्या किया गाय हैं। बुधवार की हुई सुनवाई के बाद कोर्ट के जज ने कहा कि 31 जुलाई से इस मामले की सुनवाई हर दिन होगी। इससे पहले जज साहब ने कभी अहम बातों का भी जिक्र किया।

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वहीं इस दौरान ताज का बात करते हुए जज साहब ने एफिल टावर की तुलना एक टीवी टावर से कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि हर साल 80 मिलियन लोग एफिल टावर को देखने जाते हैं जो एक टीवी टावर की तरह दिखता है, लेकिन हमारा ताज उससे ज्यादा सुंदर है, अगर आप इसकी देखभाल करते तो इससे हमारे देश की विदेशी मुद्रा की समस्या भी दूर हो गई होती।

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वहीं कोर्ट ने यूपी सरकार द्वारा ताजमहल के संरक्षण के लिए विजन डॉक्यूमेंट नहीं पेश किए जाने को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई और साथ ही केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि इस मसले पर केंद्र की ओर से क्या किया गया है। तो वहीं कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि टीटीजेड यानी ताज ट्रैपेजियम जोन एरिया में उद्योग लगाने पर आ रहे आवेदनों पर भी विचार किया जा रहा है, ये आदेशों का उल्लंघन है।

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