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‘मोदी-शाह ने किया संविधान का एनकाउंटर’ सुप्रीम कोर्ट भी रही नाकाम!

नई दिल्ली: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक दलों में सरकार बनाने की मची होड़ के बीज आज गुरुवार को चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी बीजेपी ने राज्य में नई सरकार का गठन कर लिया। राज्य के राज्यपाल वजुभाई वाला ने सुबह नौ बजे राजभवन में कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच बीजेपी विधायक दल के नेता बी.एस.येदियुरप्पा को पद एवंम गोपनीयता की शपथ दिलाई।

लेकिन इससे पहले जो हुआ वो शायद ही भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहले कभी हुआ है। दरअसल, बुधवार शाम राजनीति संग्राम के बीच कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दे दिया, जबकि कांग्रेस+जेडीएस ने 117 विधयकों के समर्थन का दावा राज्यपाल के सामक्ष पहले ही कर चुकी थी। हालांकि राज्यपाल ने विशेषज्ञों से सलान-मसवरा के बाद सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिया।

राज्यपाल के इस फैसले से आहत कांग्रेस+जेडीएस ने देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए देर रात याचिका दायर कर राज्यपाल के फैसले पर रोक लगाने की मांग की। खबरों के अनुसार कांग्रेस+ ने मामले में रात 10 बजे याचिका दायर की जिसके बाद मामले की सुनवाई करीब रात दो बजे शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्यपाल के फैसले पर रोक लगाने की मांग की।

वहीं मामले पर अटॉर्नी जनरल रोहतगी ने कहा कि राज्यपाल के फैसले पर रोक लगाने की मांग कैसे संभव हो सकता है। उन्होंने अपने विवेक से ऐसा फैसला किया है। रोहतगी ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद अगर कोर्ट को ऐसा लगा कि येदियुरप्पा गलत हैं तो वे पद से हट भी सकते हैं। लेकिन ये मामला बहुमत साबित करने का है, जिसके लिए अभी समय है। इन सभी बातों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के फैसले पर रोक लगाने से इंनाकर कर दिया।

जिसके बाद गुरुवार सुबह येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली, वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए संविधान का एंनकाउंटर किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। आपको बताते दि येदियुरप्पा के शपथ लेने के बाद अब उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करना है। जिसके लिए अभी 10 से 15 दिन का समय है। इसके बाद ही मामले पर पूरी स्थिती साफ हो सकती है।

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