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72 दिन से जारी ऊहापोह के बाद सोनिया ही बनी सिरमौर, ...झाड़ा पल्ला

नई दिल्ली : इंतहा हो गई इंतजार की आई न खबर मेरे यार की.. ऐसा ही कुछ वाक्या इन दिनों कांग्रेस मुख्यालय में दिख रहा है। करीब तीन महीने से अध्यक्ष विहीन चल रहीं कांग्रेस पार्टी ने जब शनिवार को वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई तो लगा आज फैसला हो ही जाएगा। क्योंकि कांग्रेस ने पहले ही साफ किया था कि महीनों से जारी इस असमंजस की स्थिति का निवारण आज ही होगा। इसलिए कांग्रेस पार्टी में दिन की बैठक में ही रात की बैठक का समय तय कर लिया।

तय समय पर रात 8 बजे ही CWC की अगली मिटिंग शुरू हुई। दिन की बैठक से अचानक केरल रवाना हुए राहुल गांधी रात की बैठक में शामिल हो चुके थे। उनकी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी पहले से बैठक में मौजूद थी। माना जा रहा था कि थोड़ी देर में कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा होगी। लेकिन इंतजार की सूई दौड़ती रही, रात से सुबह हो गई लेकिन कांग्रेसी को डूबती नैय्या का नया खेवइया नहीं मिला।

लेकिन कांग्रेस ने पुरानी बोतल को नये लेबल के साथ पेश किया और 72 दिन से जारी ऊहापोह की स्थिति के बाद आखिरकार सोनिया गांधी को ही पार्टी का सिरमौर बना दिया। इसके साथ हील वो कहावत एक बार फिर सच साबित हुआ कि राजनीति में कोई भी फैसला सदा के लिए नहीं होता।  वक्त के साथ बदलना सियासत की रीत होती है।

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