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डॉक्टरों के हड़ताल पर सख्त हुए शाह, एडवाइजरी जारी कर किया तलब

नोएडा : पांचवें दिन भी लगातार जारी डॉक्टरों के हड़ताल के बाद केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी कर ममता सरकार को तलब किया है। केंद्र की एडवाइजरी में कहा है गया है कि डॉक्टरों की हड़ताल का असर पूरे देश में पड़ रहा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के अलावा दूसरे राज्यों के भी डॉक्टर शामिल हो रहे हैं। जिसपर केंद्र ने ममता से पूछा है कि इस हड़ताल को रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए है, वे इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट सौंपे। इससे पहले भी गृह मंत्रालय ने ममता बनर्जी को एक नोटिस भेजा था, लेकिन ममता ने इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया।

बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं जब हिंसा की घटना राज्य में हुई है। इस हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने बीते बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। लेकिन ममता ने इस बैठक से यह कहते हुए किनारा कर लिया कि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, राज्यपाल का नहीं।

इस बैठक पर ममता ने कहा था, ''वे (राज्यपाल) बीजेपी के प्रवक्ता की तरह हैं। बीजेपी ने उन्हें सर्वदलीय बैठक कराने के लिए कहा और उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने (त्रिपाठी) मुझे भी बुलाया था। लेकिन, मैंने कहा कि मैं नहीं जा सकती क्योंकि आप राज्यपाल हैं और मैं निर्वाचित सरकार हूं। कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है। यह आपका विषय नहीं है।''

अब चूंकि यह हड़ताल धीरे-धीरे और उग्र रूप ले रहा है, जिस उग्र रूप को रोकने के लिए अब केंद्र सरकार भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप कर रही है। आपको बता दें कि इस हड़ताल के अंतर्गत अभी तक 973 डॉक्टरों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। लेकिन ममता है कि वह अपने अड़ियल रूख पर कायम है, वो भले ही घायल डॉक्टरों से मिलकर अपने आपको हितैषी दिखाने की कोशिश कर रही हो, लेकिन डॉक्टर भी है कि उनके इस दिखावें में नहीं आ रहें और उनसे बिना शर्त माफी मांगने और उनकी मांगों को स्वीकृति देने की बात कर रहे है।

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