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नोटबंदी पर एससी की केंद्र को लताड़: कहा कि सरकार नहीं छीन सकती है किसी की संपत्ति!

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद पुराने नोटों को वापस लेने के मुद्दे पर केंद्र सरकार के अड़ियल रवैये पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जमकर लताड़ लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार लोगों को पुराने नोट बदलने का एक अवसर क्यों नहीं देना चाहती है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच लंबा विवाद चला आ रहा है।   

केंद्र सरकार द्वारा 8 नवम्वर 2016 को 1000 और 500 के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था। जिसके बाद देश से लाखों करोड़ का कालाधन बाहर निकला था। वहीँ केंद्र सरकार ने तमाम गाइडलाइन जारी करते हुए पुराने नोट बैंकों में जमा करने वालों पर लगातार शिंकजा कसती जा रही थी। ऐसे में देशभर में लाखों लोगों ने पुराने नोटों को सरकार के डर के कारण बैंकों में जमा ही नहीं करवाया। केंद्र सराकर के गाइडलाइन के बाद पुराने नोट जमा करने की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है।

अब लोगों के पास पुराने नोट किसी रद्दी के समान ही हैं। वहीँ इस मुद्दे पर देश की सर्वोच्च अदालत केंद्र सरकार से बार बार यह कह रही है कि पुराने नोट जमा करने का एक मौका और लोगों को दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को लेकर केन्द्र सरकार से सवाल किया है? साथ ही पुराने नोट बदलने की तारीख को लेकर लताड़ भी लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से पूछा कि लोगों को नोट बदलने का दूसरा मौका क्यों नहीं दिया जा सकता? इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर केन्द्र सरकार को दो सप्ताह के अंदर जवाब देने को कहा है।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो लोग उचित कारणों को लेकर पुराने नोट जमा नहीं करा पाए, उनकी संपत्ति को सरकार इस तरह से नहीं छीन सकती। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जिन लोगों के पास पुराने नोट जमा नहीं कराने का उचित कारण हैं, उन्हें मौका मिलना चाहिए।

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बतादें कि केंद्र सरकार ने पुराने नोट जमा अकरने की अंतिम तारीख 31 दिसम्बर 2016 रखी   थी, वहीँ इस में NRI लोगों को कुछ राहत दी गयी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट चाहता है कि देश में उन लोगों को एक मौका और मिले जो अभी तक पुराने नोटों को जमा नहीं करवा पाए हैं।

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