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BJP की बंपर जीत से विपक्ष में खलबली, जानिए एग्जिट पोल के बाद क्या चल रहा है...

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे से पहले आए एग्जिट पोल ने विरोधी खेमे में हलचल तेज कर दी है। एग्जिट पोल कराने वाले कुछ एक संस्थानों को छोड़कर लगभग सभी मीडिया संस्थान व तमाम एजेंसियों के सर्वे भाजपा की नेतृत्व वाली राजग यानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को बहुमत दे रही है। जिसके कारण सरकार विरोधी खेमे की धड़कन की रफ्तार काफी बढ़ गई है।

हालांकि विरोधी खेमा एग्जिट पोल के नतीजे को खारिज कर रहा है, लेकिन अंदर ही अंदर विरोधी दलों के बीच संभावित परिणाम पर मंथन का दौर जारी है। एक ओर एग्जिट पोल के नतीजों पर हमला बोलते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पीएल पुनिया ने दावा किया कि एग्जिट पोल कराने वाली संस्थानों ने सत्ता के दवाब में ऐसे आकड़े जारी किए हैं।

वहीं दूसरी तरफ संभावित परिणाम को लेकर सोमवार सुबह समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती की लंबी बैठक भी हुई है। गौरतलब हो कि कि  एग्जिट पोल भले ही NDA को सरकार बनाने का मौक दे रही है लेकिन यूपी में बीजेपी को भारी नुकसान होता दिख रहा है। दरअसल, देश के सबसे बड़े प्रदेश (80 लोकसभा सीट) में भाजपा को रोकने के लिए सपा-बसपा ने अपनी पुरानी दुश्मनी को भूला कर एक साथ आने का फैसला किया था और इनकी जोड़ी कमाल करती भी दिख रही है।

दरअसल, इसमें कोई संदेह नहीं कि एग्जिट पोल NDA को 300 से अधिक सीटें दे रही है। लेकिन उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से भाजपा के खाते में 38 और महागठबंधन के खाते में 40 सीटे आती दिख रही है। ऐसे में केंद्र की सरकार में महागठबंधन की बड़ी भूमिका हो सकती है। सूत्रों की माने तो इसी बावत माया और अखिलेश की बैठक हुई है। जिसमें आगे ही रणनीतियों पर चर्चा हुई है।

इसी के मद्देनजर विरोधी खेमा रणनीति बनाने में जुटे हैं। मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने की राज खोज रहे विपक्षी नेताओं की कोशिश है कि अगर करीबी स्थिति बनती है तो उसमें यूपीए समेत तीसरे मोर्चे की संभावनाओं पर भी विचार किया जाए। हालांकि विपक्षी दलों के लिए सरकार गठन का फैसला काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। क्योंकि एक ओर कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए गठबंधन अपने अस्तर से भाजपा विरोधी को लामबंद कर रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ तीसरे मोर्चे का नेतृत्व कर रहे आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी व अन्य नेताओं से मुलाकात कर तीसरे मोर्चे की कवायद में जुटे हैं, जबकि  इधर एनसीपी चीफ शरद पवार भी विपक्षी नेताओं को साधने के जुगत में लगे हैं। उधर, कांग्रेस में भी परिणाम के बाद की स्थिति पर मंथन में जुटी है।

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