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रेलवे जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी की खुली पोल, कानपुर हादसे में मरने वालों की संख्या 130 के पार


कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास हुए रेल हादसे के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी की पोल पूरी तरह से खुल गई है। हादसे मरने वालों की संख्या 130 के पास पहुंच गया है, जबकि करीब 100 अन्य लोग घायल भी बताए जा रहे है।

भारत में बुलेट ट्रेन चलाने की सोच की पोल उस वक्त खुली जब रविवार 20 नवंबर को तड़के सुबह इंदौर सिटी पटना एक्सप्रेस की 14 बोगियां परटी से उतर गई और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।

इस हादसे की शुरूआती वजह रेल पटरी में फ्रैक्चर को बताया जा रहा है लेकिन इसके सही कारणों का पता तो रेलवे कमिश्नर सेफ्टी द्वार जांच पूरी करने के बाद ही साफ हो पाएगा। लेकिन इस हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा पर कई सवाल फिर से खड़े हो गए है।

आपको बता दें कि इस हादसे के बाद जारी राहत और बचाव कार्यों में कर्मचारियों की कमी के बाद रेलवे पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे है। गौर हो कि सरकार रेलवे को दुरुस्त करने की बात तो करती है, लेकिन जब रेलवे सेफ्टी के हजारों सीट खाली है, तो इससे ज्यादा किस बात की उम्मीद की जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस डिविजन (एनसीआर ) में यह हादसा हुआ है वहां करीब 2000 गैंगमैन की जगह खाली है। हालांकि इस हादसे को लेकर मौसम को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है, जानकारों के अनुसार फिलहाल के मैसम में रात और दिन के तापमान में भारी अंतर होता है।

ऐसे में दिन में तापमान ज्यादा होने कारण पटरी बढ़ जाती हैं, लेकिन रात में तापमान कम होने के कारण पटरी सिकुड़ती है, इस कारण पटरियों के बीच में फ्रैक्चर होने की संभावना रहती है। बहरहाल सही कारणों का पता तो जांच के बाद ही चल सकेगा।

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