Breaking News
  • काबूल: PD6 इलाके में डिप्टी सीईओ के घर के पास कार धमाका, 10 लोगों के मारे जाने की खबर
  • सावन का तीसरा सोमवार आज, शिवालयों में भक्तों की लंबी कतार
  • आज शाम 7.30 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का संबंधोन
  • इसरो के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर यूआर राव का निधन- पीएम मोदी ने जताया दुख
  • महिला विश्व कप 2017: फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 9 रनों से हराया

क्या राहुल की कवायद आयेगी काम, या होगा फिर से बंटाधार!


नई दिल्ली: महागठबंधन में जारी अन्तःकलह के बीच राहुल गांधी ने नीतीश कुमार से फ़ोन पर बात कर उपराष्ट्रपति के मुद्दे पर समर्थन माँगा है। मालूम हो कि नीतीश कुमार का महागठबंधन के साथ गहरा विवाद बना हुआ है। विवाद के कारण बिहार सरकार पर भी खतरा मंडरा रहा है।

बतादें की कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार का महागठबंधन के दलों के साथ रिश्तों कडवाहट भरा गुजर रहा है। एक ओर नीतीश कुमार राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर एनडीए को समर्थन दे चुके हैं वहीं उपराष्ट्रपति के मुद्दे पर भी लगातार संदेह बना हुआ है, ऐसे में विपक्ष खासकर कांग्रेस को भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है, कांग्रेस पहले ही राष्ट्रपति के उम्मीदवार पर नीतीश का समर्थन गंवा चुकी है।

ऐसे में उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर समर्थन के लिए जेडीयू और नीतीश को मनाना जरुरी हो गया है। वहीं इसी मुद्दे पर राहुल गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से समर्थन मांगा है। जानकारी के मुताबिक खुद गोपालकृष्ण गांधी ने भी सीएम नीतीश कुमार से फोन पर बातचीत की है।

वहीँ नीतीश कुमार मंगलवार को हुई विपक्ष की बैठक से भी गायब रहे जिससे कांग्रेस के सामने संकट की स्थित बन गयी है। ऐसे नीतीश की साथ लाने के लिए खुद राहुल गांधी को मैदान में उतरना पड़ा है। अब देखना यह है राहुल गांधी के फोन का प्रभाव नीतीश कुमार पर कितना पड़ता है। वहीँ महागठबंधन में पड़ी दरार के कारण सारे हालत उलट हो गये हैं। नीतीश कुमार और लालू यादव के बीच एकबार फिर से सत्ता में बने रहने को लेकर घमासान जारी है।    

loading...