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कांग्रेस की खोई सियासी जमीन की खोज पर प्रियंका गांधी, लगे जिंदाबाद के नारे

नोएडा : कांग्रेस, महज एक सियासी पार्टी नही बल्कि देश की सबसे पुरानी पार्टी है, जिसके बिना भारतीय राजनीत की परिकल्पना अधूरी है। लेकिन 2014 आम चुनाव में हार से टूटी कांग्रेस पार्टी 2019 में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। हार से तंग राहुल गांधी ने विरासत में मिली अध्यक्ष की कुर्सी पर तशरीफ़ रखने से साफ इंकार कर दिया। करीब ढाई महीने तक चले मान-मनौवल पर राहुल गांधी अपने फैसले से डीगे नहीं। नतीजा ये हुआ कि बेटे की जिद्द के सामने मां को ही अपने कदम पीछे खींचने पड़े। और 72 दिनों की तलाश के बाद कांग्रेस की कमान फिर से सोनिया के हाथों में है। जो पार्टी की खिसकती सियासी जमीन जोड़ने की जुगत में हैं।

चुनावी हार से कराह रही कांग्रेस में नई जान फूंकने की जिम्मेदारी इंदिरा की छवी वाली प्रियंका के सिर भी है, जिनका जादू 2019 चुनाव के दौरान नहीं चला। लेकिन हार से सबक लेते प्रियंका नई चाल चल रही हैं। प्रियंका गांधी जिंदाबाद के नारे के साथ गांधी परिवार की बिटिआ का ये स्वागत उसी सोनभद्र में हुआ, जहां पिछले दिनों खून की नदियां बहा दी गई थी। 17 जुलाई को भूमि पर कब्जा करने को लेकर उभ्भा गांव में नरसंहार हुआ था। जिसमें 10 लोगों की जान चली गई थी। जबकि कई लोग घायल भी हुए थे।

इस भीषण घटना का ठीकरा भी योगी सरकार ने 50-55 साल पुरानी व्यवस्था के मत्थे मढ़ते हुए कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया, तो अब कांग्रेस पार्टी इस घटना के सहारे अपनी सियासी जमीन जोतने की जुगत में है। जिसके लिए प्रियंका गांधी सोनभद्र का दौरा कर पीड़ितो का दुख-दर्द बांट रही हैं।

आपको बता दें कि 17 जुलाई को घटी घटना के बाद 19 जुलाई को भी प्रियंका गांधी पीड़ितो से मुलाकात करने पहुंची थी। लेकिन तब योगी सरकार ने बीच में ही उनका रास्ता रोक दिया, जिसके बाद अब प्रियंका अपने अधूरी मुराद पूरी करने के दौरे पर है।

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