Breaking News
  • हैदराबाद: नानकरामगुड़ा इलाके में एक 7 मंजिला इमारत गिरी
  • कोहरे की वजह से रेल और हवाई यातायात बाधित, 56 ट्रेन रद्द, हवाई यात्रा पर असर
  • पृथ्वी की कक्षा में जाने वाले पहले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन का निधन
  • जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी में भारत का शानदार आगाज, कनाडा को 4-0 से हराया
  • J-K: अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़

लोकतंत्र के लिए मशहूर देश के प्रधानमंत्री को तानाशाह का दर्जा!

नई दिल्ली: मोदी सरकार के ओआरओपी के फैसले से नाराज एक पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने बीते दिन जहर खा कर आत्महत्या कर ली। मामले के एक दिन बीतने के बाद आज बुधवार को दिल्ली में बड़ा ही अजीबोगरीब हालात देखने को मिला।

मृतक पूर्व सैनिक के परिवार से मुलाकात करने के लिए राजनीति दलों का मलोबल सातवें आसमान पर दिखा रहा है, इस क्रम में नेता अपने भारी समर्थक के साथ घटनास्थल पर पहुंच रहे है।

दरअसल मृतक पूर्व सैनिक के परिवार से मुलाकात करने गए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पुलिस ने सुरक्षा कारणों के चलते मान कर दिया, लेकिन नेताओं के रवैये में कड़वाहट को देखते पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेने का फैसला लिया।

इसके बाद क्या था नेता अंदर हिरासत में हंगामा करने लगे और उनके समर्थक सड़क पर हंगामा कर कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते दिखे। इस दौरान कांग्रेस और आप पार्टी के कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री को तानाशाह करार देते हुए नारेबाजी की।

अपने उप  मुख्यमंत्री को हिरासत में लिए जाने से भड़के दिल्ला के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए और हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराने के बजाए खुद भी आरोप-प्रत्यारोप की दौड़ में छलांग लगा दी, तो इधर हिरासत में राहुल गांधी पीएम को तानाशाह करार देते हुए पुलिस अधिकारी को ही कानून पढ़ाते दिखे।

गौर हो कि पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल के शव को लेडी हार्डिग अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। यहा पहुंचकर दिल्ली के सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार गुंडागर्दी पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं, एक पूर्व सैनिक ने यहां आत्महत्या कर ली है, क्या मेरा यह कर्तव्य नहीं है कि मैं पीड़ित परिवार से मुलाकात करूँ।

आपको बता दें कि कांग्रेस और आप पार्टी के समर्थक भारी संख्या में पहुंचकर हंगामा कर रहे है, यही कारण है कि दिल्ली पुलिस पीड़ित परिवार से किसी को मुलाकात करने की इजाजत नहीं दे रही है। लेकिन नेता है कि पुलिस के निर्देशों को मानने से इनकार रहे है। यह जानकारी दिल्ला पुलिस के अधिकारी के हवाले से मिली है।

अब सवाल है कि जब पुलिस फिलहाल मुलाकात करने से मना कर रही है, तब इन नेताओं को पीड़ित परिवार से मुलाकात करने की इतनी जल्दी क्या पड़ी है? मामला शांत होने के बाद भी तो इनकी मुलाकात हो सकती है। लेकिन नहीं पुलिस के निर्देश का पालन न करते हुए हंगामा कर रहे लोग लोकतंत्र के लिए मशहूर देश के पीएम को तानाशाह करार दे रहे है।