Breaking News
  • सोनभद्र जमीन मामले में अब तक 26 आरोपी गिरफ्तार, प्रियंका करेंगी मुलाकात
  • वेस्टइंडीज दौरे के लिए रविवार को 11:30 बजे होगा टीम इंडिया का चयन
  • बिहार : बाढ़ से अब तक 83 लोगों की मौत
  • कर्नाटक में आज दोपहर डेढ़ बजे तक सरकार को साबित करना होगा बहुमत

लोकसभा में मोदी की दहाड़ सुनिए, विपक्ष को धो दिया!

नई दिल्ली: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा विपक्ष पर करार हमला बोला। अपताकाल की 44वीं बरसी पर देश के लिए सबसे बुरे दौर की याद दिलाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कल सदन में नारे लगाए जा रहे थे और आज 25 जून है।

उन्होंने कहा कि कई लोगों को तो यह भी नहीं पता है कि 25 जून को क्या हुआ था, अगल-बगल पूछना पड़ता है। ऐसे में यह याद दिलाना जरूरी है कि 25 जून की रात देश की आत्मा को कुचल दिया गया था। साथ ही उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भारत रत्न देने के फैसले का जिक्र करते हुए विपक्ष के उस आरोपों पर भी पलटवार किया जिसमें कहा गया था कि पहले की सरकारों के योगदान को उन्होंने नकार दिया।

हंगामेदार सदन में अपनी बातों पर बल देते हुए पीएम ने कहा कि भारत में लोकतंत्र संविधान के पन्नों से पैदा नहीं हुआ, लोकतंत्र सदियों से हमारी आत्मा है। उस आत्मा को कुचल दिया गया था, मीडिया को दबोच लिया गया था। देश के महापुरुषों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया। देश को जेलखाना बना दिया गया था और सिर्फ इसलिए कि किसी की सत्ता न चली जाए।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का फैसला था, कोर्ट का अनादर कैसे होता है, उसका वह जीता-जागता उदाहरण है। पीएम ने कहा कि आज हमें लोकतंत्र के प्रति फिर एक बार अपना संकल्प समर्पित करना होगा। उस समय जो भी इस पाप के भागीदार थे, ये दाग कभी मिटने वाला नहीं है। इसका स्मरण करना भी जरूरी है, ताकि फिर कोई पैदा न हो जिसे इस रास्ते पर जाने की इच्छा हो। साथ ही उन्होंने कहा कि यह किसी को भला-बुरा कहने के लिए नहीं है।

वहीं अपनी सरकार का गौरवगान करते हुए पीएम ने कहा कि पांच साल में हमारे मन में यही भाव रहा कि जिसका कोई नहीं उसके लिए सरकार हो। हमने आजादी के बाद एक ऐसे कल्चर को बढ़ावा दिया जिसमें सामान्य इंसान को अपने हक के लिए व्यवस्था से लड़ना पड़ता है। क्या उसे सहज रूप से उसके हक की चीजें नहीं मिलनी चाहिए? हमने मान लिया था कि यह सब ऐसे ही चलता है। राज्यों को भी साथ लाने में भी मुश्किल होती है लेकिन मैं संतोष के साथ कह सकता हूं कि हमने दिशा सही पकड़ी और उसे छोड़ा नहीं।

loading...