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आजादी के 73वें साला पर पीएम मोदी ने लिया एक और बड़ा फैसला

नई दिल्ली: ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुई नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता से दूसरे कार्यकाल में तीन तलाक और धारा 370 जैसे मुद्दों पर अप्रत्यासित फैसले से अपने इच्छा शक्ति और साहस का अद्भुत प्रदर्शन किया है। वहीं 73वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर लाल किले के प्राचिर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में प्लास्टिक मुक्त भारत की परिकल्पना करने के साथ ही पाकिस्‍तान के बालाकोट एयर स्‍ट्राइक, जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 के खात्‍मे के बाद गुरुवार एक और मास्‍टर स्‍ट्रोक चला। पीएम मोदी ने लाल किले के प्राचीर से दिए अपने भाषण में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस की घोषणा की है।

पीएम ने ऐलान किया कि सुरक्षा के मोर्चे पर नई चुनौतियों का सामना करने के लिए देश की तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बेहद जरूरी है, जिसे देखते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का नया पद सृजित किया जाएगा। बता दें कि चीन और पाकिस्‍तान से दोतरफा खतरे से निपटने के लिए सीडीएस बनाने का प्रस्‍ताव अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने रखे थे, लेकिन राजनीतिक सहमति नहीं होने की वजह से यह अब तक लंबित रहा था।

गौरतलब हो कि 1999 में हुए करगिल युद्ध के बाद देश की सुरक्षा व्यवस्था में खामियों का पता लगाने के लिए गठित की गई उच्च-स्तरीय समिति ने साल 2001 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ की नियुक्ति की वकालत की थी। करगिल रिपोर्ट के बाद पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्‍ण आडवाणी की अध्‍यक्षता वाले मंत्रियों के समूह ने ट्राई-सर्विस जॉइंट प्‍लानिंग स्‍टाफ हेडक्‍वॉर्टर के साथ ही सीडीएस पोस्‍ट बनाए जाने का सुझाव दिया था।

दरअसल, शांति प्रिय दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत दो तरफ से परमाणु हथियारों से लैस दुश्‍मनों से घिरा है। पाकिस्‍तान और चीन की हमेसा से भारत पर टेड़ी नजर रही है। इस लिहाज से सीडीएस का फैसला भारत के लिए काफी अहम है। सीडीएस के गठन के बाद सरकार को अब सामान्‍य हालात और संकट की स्थिति में सेना, नौसेना और एयरफोर्स से एक सलाह मिलेगी। कब शब्दों में कहे तो सीडीएस के बाद तीनों सेनाओं को एक साथ दिशा-निर्देश जारी किया जारी करना आसान होगा।

करगिल रिपोर्ट के बाद सुझाव दिया गया था कि तीनों सेनाओं के प्रमुखों को बारी-बारी से सीडीएस बनाया जाए। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का चेयरमैन चार स्‍टार वाला जनरल होगा, जिसका कार्यकाल 2 साल रखा जाए, जिसे बढ़ाया जा सकता है। आदर्श रूप में सीडीएस को तीनों सेनाओं का प्रमुख होना चाहिए न कि अपने मातहत बिना किसी कमांड के समकक्षों में प्रथम। सीडीएस अलग-अलग क्षेत्र के कमांडरों को निर्देश देगा जो तीनों सेनाओं के सैनिकों और साजो सामान से लैस होंगे।

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