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...अभी तक नहीं लौटा विमान, बढ़ी वायुसेना की चिंता

नोएडा : भारत-चीनी सीमा पर कल तकरीबन 1 बजे AN 32 विमान लापता हो गया। जिसमें 8 क्रू मेंम्बर समेत 5 यात्री सवार थे। जिसे खोजने के लिए वायुसेना ने अपने सबसे खास विमान सी -130 जे और एएन -32 और दो एमआई -17 हेलिकॉप्टर को लगाया है। वहीं थल सेना ने भी अत्याधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर को तैनात किया है।

खबरों की मानें तो वायुसेना को एक मलबे की भी खबर मिली थी, जिसके बाद वे वहां गये। लेकिन उस स्थान पर कोई मलबा नहीं पाया गया। सूत्रों की मानें तो यह विमान अपना जमीनी नियंत्रण खोकर चीनी सीमा में प्रवेश कर गया है। जिसमें सवार सभी यात्री सुरक्षित है। हालांकि इस मामले में चीन के तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया है। अधिकारियों की माने तो मेनचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड चीन की सीमा से ज्यादा दूर नहीं है, यह करीब 35 किलोमीटर दूर है। जिससे यह संदेह है कि वह विमान चीन में प्रवेश कर गया हो। बता दें कि वायुसेना प्रमुख चीफ मार्शल बी एस धनोआ चार दिवसीय यात्रा पर स्वीडन गए हुए हैं। जहां से वे इस घटना पर लगातार नजरे बनाए हुए है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विमान का पता लगाने के लिए भारतीय वायु सेना ने सभी उपलब्ध संसाधन काम में लगा दिए हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटना पर कहा कि उन्होंने इस बारे में वायुसेना के उपप्रमुख से बात की है और वे इन यात्रियों के सुरक्षित रहने की कामना करते हैं। उन्होंने एक ट्वीट भी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि, ‘‘ कुछ समय से लापता वायु सेना के एएन -32 विमान के संबंध में भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल राकेश सिंह भदौरिया से बातचीत की। उन्होंने मुझे वायुसेना के इस लापता विमान को लेकर उठाये गए कदमों की जानकारी दी। मैं इसमें सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिये प्रार्थना करता हूं। ’’

आपको बता दें एएन -32 विमान रूस निर्मित वायुयान है और बड़ी संख्या में वायुसेना इन विमानों का इस्तेमाल करती है। यह दो इंजन वाला ट्रर्बोप्रॉप परिवहन विमान है।

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