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सवर्णों को भी मिलेगा आरक्षण, 2019 चुनाव से पहले मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला...

नई दिल्ली: इस हाल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए कुछ खास सवर्णों को भी आरंक्षण दिए जए जाने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार केंद्र की मोदी सरकार ने गरीब सवर्णों के लिए नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

एक रिपोर्ट के अनुसरा, सरकारी नौकरियों में आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने सोमवार की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस फैसला से सवर्णों के नाराजगी दूर करने में मदद मिल सकती है।

आपको बता दें कि पिछले काफी दिनों एसटी-एससी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के बदलाव को बदलने के लिए सरकार द्वार उठाए गए फैसले को लेकर सवर्णों ने काफी विरोध प्रदर्शन भी किया था। वहीं भारत में आर्थिक रुप से पीछले सवर्णों को आरक्षण की मांग भी पिछले काफी दिनों से उठ रही थी।

बताया जाता है कि सरकार के इस फैसले का लाभ सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़े लोग उठा सकेंगे। इसके लिए सरकार मंगलवार को संसद में संविधान संशोधन बिल पेश कर सकती है। आरक्षण के आर्थिक पैमाना कुछ इस प्रकार हो सकता है कि जिनकी सलाना कमाई आठ लाख रुपये से कम है वे आर्थिक रूप से पिछड़े आरक्षण का लाभ ले सकेंगे।

इसके अलावा जिसके पास 5 हेक्टेयर से भी कम जमीन होगी, जिनका घर 1000 स्क्वेयर फीट से कम क्षेत्रफल का होगा वे भी इसका लाभ ले सकेंगे। गौर हो कि अगर आपका घर नगरपालिका में होगा तब प्लाट का आकार 109 यार्ड से कम होना चाहिए, वहीं अगर घर गैर नगर पालिका वाले शहरी क्षेत्र में है तो प्लाट का आकार 209 यार्ड से कम होना चाहिए।

सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का लाभ राजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार, बनिया समेत अन्य लगभग सभी जाति के लोग उठा सकते हैं। जानकारी के अनुसार, आर्थिक रूप से पिछड़े इन वर्गों के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए सरकार अनुच्छेद 15 एवं 16 में स्पेशल क्लॉज जोड़कर संवैधानिक संशोधन करेगी।

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