Breaking News
  • अवैध खनन: ईडी ने पूछताछ के लिए आईएएस चंद्रकला समेत 4 लोगों को भेजा समन
  • मेलबर्न: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा और अंतिम एकदिवसीय मैच
  • गुजरात: वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन के 9वें संस्करण में पीएम मोदी

सिर्फ विज्ञापन के लिए मोदी सरकार ने खर्च किए 4,300 करोड़ रुपए: RTI

नई दिल्ली:- एक आरटीआई कार्यकर्ता ने मोदी सरकार को लेकर अहम खुलासा किया है। इस आरटीआई कार्यकर्ता का अनिल गलगली है। अनिल को भारत सरकार के सूचना विज्ञान और संचार मंत्रालय द्वारा बताया गया है कि नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली मोदी सरकार ने पिछले 46 महीनों में सभी विज्ञापनों पर 4,343.26 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

SC/ST एक्ट पर केंद्र का अध्यादेश: समाज को बांटने वाला एक और सख्त कानून?

विज्ञापन सरकार ने मनी लॉंडरिंग की आलोचना के बाद इस साल 25 प्रतिशत की कटौती करके पिछले साल की तुलना में 308 करोड़ रुपये कम खर्च किया है।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने प्रधानमंत्री कार्यालय में केंद्र सरकार के गठन के बाद से विभिन्न विज्ञापनों पर किए गए खर्च पर जानकारी मांगी थी।

पश्चिम बंगाल में लोकत्रंत का ‘रेप, लूट लिए गये बैलेट बॉक्स, हिंसा में सात की मौत

केंद्रीय सूचना ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के वित्तीय सलाहकार तपन सुधरधर ने 1 जून, 2014 से अनिल गलगली को जानकारी उपलब्ध कराई है। इसने 1 जून, 2014 से 31 मार्च 2015 तक 424.85 करोड़ प्रिंट मीडिया, 448.9 7 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 79.72 करोड़ आउटरीच खर्च किए हैं। वित्तीय वर्ष 2015-2016 में, 510.6 9 करोड़ प्रिंट मीडिया, 541.99 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 118.43 करोड़ बाहरी प्रचार पर खर्च किए गए हैं।

2016-2017 के दौरान, 463.38 करोड़ प्रिंट मीडिया, 613.78 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और 185.99 करोड़ बाहरी प्रचार पर खर्च किए गए हैं। 1 अप्रैल, 2017 से 7 दिसंबर, 2018 तक, प्रिंट मीडिया पर खर्च 333.23 करोड़ था। 1 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2018 की अवधि के दौरान, 1 अप्रैल, 2017 से 31 जनवरी, 2018 तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 475.13 करोड़ रुपये और बाहरी अभियान में 147.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

OMG: कोलगेट का ऐसा इस्तेमाल, अंजाम जानकर रह जाएंगे हैराना!

 

2016-17 में सरकार ने 1263.15 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसने वित्तीय वर्ष 2017-2018 में 955.46 करोड़ रुपये खर्च किए। 308 करोड़ रुपये 25 प्रतिशत कम कर दिए गए हैं। अनिल के मुताबिक सरकार पैसों का इस्तमाल विज्ञापनों पर खर्च कर सकती है, जहां जरूरत है, लेकिन वेबसाइट पर कुल खर्च का विवरण प्रकाशित करना आवश्यक है।

loading...