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बड़ी खबर: मोदी सरकार पर चौकाने वाला खुलासा, पानी की तरह बहा दिए 4343 करोड़!

नई दिल्ली: उद्योग जगत हो या राजनीतिक जगत, सत्ताधारी दल हो या विपक्षी पार्टियां अपनी छवि चमकाने के लिए प्रचार-प्रसार का सहारा सभी लेते हैं, हालांकि इसके बाद भी राजनीतिक दलों के नेता एक दूसरे के प्रचार-प्रसार पर भी हमला बोलते रहे हैं। इस बीच केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसके कारण सत्ताधारी बीजेपी और पीएम मोदी भी विपक्ष के निशाने पर हैं।

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में RTI के वाले से दी गई जानकारियों का हवाला देते हुए दावा किया जा रहा है कि सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने कई अलग-अलग मीडिया ग्रुप के जरिए प्रचार और विज्ञापनों पर 4,343.26 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह जानकारी मुंबई के आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के हवाले से दी जा रही है, जिन्होंने केंद्र सरकार के ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्युनिकेशन यानी बीओसी से इस संबंध में जानकारी मांगे थे।

बताया जाता है कि ये आकड़े जून 2014 केंद्र की सत्ता पर नई सरकार आने के बाद सके हैं। जिसके तहत जून 2014 से मार्च 2015 तक कुल 953.54 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिनमें प्रिंट मीडिया के लिए 424.85 करोड़ और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए 448.97 करोड़ रुपये जबकि आउटडोर प्रचार पर 79.72 करोड़ रुपये खर्च हुए। वहीं साल 2015-2016 के लिए इन आकड़ों में बढ़ोतरी दिखती है। क्योंकि इस दौरान कुल 1,171.11 करोड़ खर्च हुए, जिनमें से प्रिंट मीडिया पर 510.69 करोड़ और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर 541.99 करोड़ जबकि आउटडोर प्रचार पर 118.43 करोड़ रुपये खर्च हुए।

इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि क्योंकि सरकार को प्रचार-प्रसार पर खर्जस किए गए पैसे के कारण काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी जिसके कारण अगले साल कुछ क्षेत्रों के लिए खर्चों में कटौती की गई। जिसके बाद साल 2016-2017 में ये आकड़े कुल 1,263.15 करोड़ रुपये रहे। जिनमें प्रिंट मीडिया के लिए 463.38 करोड़ और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए 613.78 करोड़ जबकि आउटडोर मीडिया पर 185.99 करोड़ रुपये खर्च हुए।

वहीं इसके अलगे साल अप्रैल 2017 से मार्च 2018 के बीच 955.46 करोड़ रुपये खर्च किए  955.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, इस क्रम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लए 475.13 करोड़ और आउटडोर के लिए 147.10 करोड़ रुपये खर्च हुए जबकि अप्रैल-दिसंबर 2017 के दौरान सरकार ने प्रिंट मीडिया के लिए 333.23 करोड़ रुपये खर्च किए।

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