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सातवें चरण के चुनाव में कई दिग्गज नेताओं के किस्मत होंगे ईवीएम में कैद

​लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण का चुनाव 19 मई को होने है। जिस दौरान 8 राज्यों 59 सीटों पर चुनाव होने है। इस चरण के चुनाव में कई दिग्गज नेताओं के किस्मत दांव पर होंगे। जिसमें किसी की साख तो किसी की नाक दांव पर होगी। सातवें चरण के प्रमुख उम्मीदवारों के नाम :-

रवि किशन : भोजपुरी फिल्मों से बॉलीवुड जगत की सीढ़ियां तय करने वाले रवि किशन को बीजेपी ने इस बार गोरखपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। जो पहले बीजेपी यानी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यहां से उम्मीदवार रहने तक था। जिसके बाद 2017 उपचुनाव के दौरान यह सीट समाजवादी पार्टी के खाते में चली गई थी। जिसके बाद अब फिर इस सीट को पाने के लिए बीजेपी ने जहां रवि किशन को सामने लाकर ब्राह्मण कार्ड खेला है, वहीं सपा ने भी रामभुआल निषाद को लाकर एक बार फिर निषाद कार्ड खेला है। जबकि कांग्रेस ने मधुसूदन तिवारी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। हालांकि बीजेपी ने प्रवीण निषाद को अपने पाले में लाकर निषादों को अपने साथ जोड़ने का कोशिश किया है।  राजनीति जगत में किशन की इंट्री 2014 में हुई थी, जब उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर अपनी पैतृक सीट जौनपुर से चुनाव लड़ा था। उन्हें केवल 42759 वोट मिले और वे हार गए। 2017 में उन्होंने नरेन्द्र मोदी से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

उत्तर प्रदेश सीट :

मनोज सिन्हा : मनोज सिन्हा को बीजेपी ने गाजियाबाद सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। जो वर्तमान सरकार में रेलवे राज्यमंत्री और संचार राज्यमंत्री (स्तंत्र प्रभार) का पद पर कार्यरत है। राजनीति क्षेत्र में इनकी इंट्री छात्र जीवन में ही हो गया था, जब वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) - बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र थे। वर्ष 1989-96 के मध्य में वे राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे। वर्ष 1989 से 1996 तक वे राष्ट्रीय परिषद के सदस्य थे। 1996, 1999 और 2014 में उन्हें लोक सभा में निर्वाचित किया गया। 2014 लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत के साथ सिन्हा ने गाजियाबाद सीट से अपनी जीत तय की। वहीं BSP ने बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी और कांग्रेस ने अजीत प्रताप कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है।

महेंद्र नाथ पांडेय : लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश में कमल खिलाने की जिम्मेदारी बीजेपी ने इस बार  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे के कंधों पर भी दिया है। जिसे बीजेपी ने चंदौली से अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं महागठबंन ने SP से संजय चौहान और कांग्रेस ने शिवकन्या कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है। पांडेय यूपी के पूर्वांचल से आते हैं। यूपी में राजनीतिक समीकरण को देखते हुए ब्राह्मण चेहरे के तौर महेंद्रनाथ को पार्टी की कमान दी गई है। ऐसे में 2019 के लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण वोटरों को साधने की जिम्मेदारी उनके कंधो पर है। 2014 के लोकसभा चुनाव मे भी पार्टी ने इन्हें चंदौली लोकसभा सीट से टिकट देकर मैदान में उतारा था। जिसमें उन्होंने बसपा के अनिल मौर्य को करीब ढाई लाख मतों से मात देकर सांसद बने और मोदी सरकार में राज्यमंत्री चुने गए।

नरेन्द्र मोदी : नरेन्द्र मोदी स्वतन्त्र भारत में जन्म लेने वाले ऐसे व्यक्ति हैं जो सन 2001 से 2014 तक लगभग 13 साल गुजरात के 14वें मुख्यमन्त्री रहे और भारत के 14वें प्रधानमन्त्री बने। जो भारत के प्रधानमन्त्री पद पर आसीन है । मोदी भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य भी हैं। एक सांसद प्रत्याशी के रूप में उन्होंने देश की दो लोकसभा सीटों वाराणसी तथा वडोदरा से चुनाव लड़ा और दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से विजयी हुए।

पिछले लोकसभा चुनाव (2014) में जहाँ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 336 सीटें जीतकर सबसे बड़े संसदीय दल के रूप में उभरा वहीं अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 282 सीटों पर विजय प्राप्त की। काँग्रेस केवल 44 सीटों पर सिमट कर रह गयी और उसके गठबंधन को केवल 59 सीटों से ही सन्तोष करना पड़ा। इस चुनाव का एक ऐतिहासिक तथ्य यह भी है कि नेता-प्रतिपक्ष के चुनाव हेतु विपक्ष को एकजुट होना पड़ा। क्योंकि किसी भी एक दल ने कुल लोकसभा सीटों के 10 प्रतिशत का आँकड़ा नहीं छुआ। बता दें कि वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ SP से शालिनी यादव और कांग्रेस से अजय राय उम्मीदवार है।

अनुप्रिया पटेल : अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार की सबसे युवा मंत्री हैं तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत है। जिन्हें बीजेपी ने लोकसभा चुनाव 2014 में मिर्जापुर से अपना उम्मीदवार बनाया था। 2019 में भी बीजेपी ने पटेल को मिर्जापुर से अपना उम्मीदवार बनाया है, जिनके सामने SP के दिग्गज नेता राम चरित्र निषाद और कांग्रेस से ललितेश पति त्रिपाठी है। अनुप्रिया पटेल मोदी सरकार की सबसे युवा मंत्री हैं तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत है। अनुप्रिया अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।  

मध्य प्रदेश

मीनाक्षी नटराजन : मीनाक्षी नटराजन एक भारतीय राजनीतिज्ञ और 15 वीं लोकसभा में मंदसौर से पूर्व संसद सदस्य हैं । NSUI में शामिल होने के पश्चात उन्होंने राजनीति में भाग लेना प्रारम्भ किया। वे 1999 से 2002 तक नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष भी रहीं है। कांग्रेस ने 2019 लोकसभा के लिए मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया है। जिन्होंने मंदसौर सीट से 2009 में पहली बार में ही अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के लक्ष्मीनारायण पांडे 30,000 से अधिक वोटों से हराया था। इस बार बीजेपी ने सुधीर गुप्ता को मंदसौर से अपना उम्मीदवार बनाया है। जो बीजेपी के एक कद्दावर नेताओं में से एक है। जिन्होंने 2014 के चुनाव में सुश्री मीनाक्षी को 300,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया था।   

लोकसभा चुनाव 2019 के छह चरण की वोटिंग के बाद अब राजनीतिक दलों ने सातवें और आखिरी चरण में होने वाली सीटों पर प्रचार तेज कर दिया है. सातवें चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को वोट डाले जाएंगे. इसमें बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश सहित पश्चिम बंगाल की सीटों पर वोटिंग होंगी. इसी चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठा दांव पर है तो योगी के सामने अपनी गृह जनपद की सीट बचाने की चुनौती है.

दिनेश गिरवाल : कांग्रेस ने सिंधिया समर्थक माने जाने वाले दिनेश गिरवाल को धार से अपना उम्मीदवार बनाया है, जिनके सामने बीजेपी ने छतर सिंह दरबार को अपना प्रत्याशी बनाया है। यह सीट पहले से ही भाजपा के कब्जे वाली सीट है। हालांकि गिरवाल ने जिला पंचायत सदस्य के अलावा कोई बड़ा चुनाव नहीं लड़ा है। इसके बावजूद पार्टी ने भाजपा के कब्जे वाली सीट को हासिल करने के लिए गिरवाल पर भरोसा जताया।

बिहार

रवि शंकर प्रसाद : रवि शंकर प्रसाद भारत के मुख्य राजनैतिक दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अग्रणी सदस्यों में से एक हैं। जो पिछले 10 वर्षों से वे भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। वर्तमान वे भारत के कोयला एवं खान मंत्रालय, न्याय एवं विधि मन्त्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय में राज्य मन्त्री भी रह चुके हैं। वे विभिन्न संसदीय समितियों के भी सदस्य हैं। हालही में वे उत्तरांचल विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के प्रभारी थे। चूंकि पटना साहिब बीजेपी का एक गढ़ है जहां से पहले शत्रुघ्न सिन्हा उम्मीदवार रहते थे। लेकिन बार बार पार्टी के विरूद्ध बयानबाजी करने के कारण पार्टी ने इन्हें किनारा कर दिया और इस बार इस सीट का जिम्मा रविशंकर प्रसाद को दिया गया। हालांकि शत्रुघ्न के बागी तेवर के लिए कांग्रेस ने इन्हें पटनासाहिब से अपना उम्मीदवार बनाया।

रामकृपाल यादव : पाटलीपुत्र सीट से इस बार भी बीजेपी ने रामकृपाल यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिनके सामने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती है। जो लोकसभा चुनाव में 2014 में राम कृपाल से करीब 40 हजार वोटों से हार गई थी। इस बार फिर मीसा का इस सीट पर होना पाटलीपुत्र में कांटें की टक्कर साबित होगी। आपको बता दें कि राम कृपाल यादव बीजेपी से पहले राजद के उम्मीदवार थे लेकिन आपसी सामंजस्य नही रहने के कारण इन्होंने राजद से किनारा कर लिया। यादव के लोकसभा चुनाव 2014 जीतने पर भाजपा ने उन्हें इस जीत का पुरस्कार देते हुए पहली बार केंद्र में राज्यमंत्री बनाया था।

अश्विनी चौबे : अश्विनी चौबे बीजेपी के कद्दावर नेताओं में से एक है, जो 1970 के जे पी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल थे। जिसे एकबार फिर बीजेपी ने बक्सर से अपना उम्मीदवार बनाया है। जिन्होंने लोकसभा चुनाव 2014 में राजद के उम्मीदवार जगदानंद सिंह को हराकर इस सीट पर जीत तय किया था। लेकिन एकबार फिर राजद ने जगदानंद सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें अश्विनी चौबे के सामने उतारा है। हालांकि इस सीट पर बीजेपी लगातार 20 सालों से अपना विजयी पताका फहरा रहा है।

मीरा कुमार : मीरा कुमार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से हैं। जिसे एकबार फिर कांग्रेस ने सासाराम से अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में वे बीजेपी नेता छेदी पासवान से हार गई थी। वे 2009 में देश की पहली महिला स्पीकर चुनी गयी। 2017 के राष्ट्रपति चुनाव में वे यू पी ए की उम्मीदवार के रूप में रामनाथ कोविन्द के विरुद्ध चुनाव लड़ी जिसमें वे 34% मतों से पराजित हो गई।

सनी देओल : सनी देओल को बीजेपी ने गुरदासपुर से अपना उम्मीदवार बनाया है। जिन्होंने हालहीं में बॉलीवुड से पॉलीटिकल क्षेत्र में इंट्री की है। वैसे तो इनके घर से मां हेमा मालिनी और पापा धर्मेन्द्र भी राजनीति जगत में है। गुरदासपुर से कांग्रेस ने सुनिल जाखर को और ‘आप’ ने पीटर मासी को अपना उम्मीदवार बनाया है। लेकिन इस सीट पर सुनील जाखड़ और बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल के बीच टक्कर दिलचस्प देखने को मिलेगा। आपको बता दें कि गुरदासपुर बीजेपी की उन सभी सीटों में से एक है जहां बीजेपी (लगभग) लगातार जीतती आ रहीं है।

पंजाब

हरदीप सिंह पुरी : बीजेपी ने इसबार अरूण जेटली के स्थान पर हरदीप सिंह पुरी को अमृतसर से अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि यह भी सीट बीजेपी की एक प्रमुख सीट थीं। लेकिन 2014 चुनाव के दौरान उन्होंने इसे गंवा दिया था। इस बार भी कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेता गुरजीत औजला पर अपना विश्वास जताया है, जिन्होंने बीजेपी के दिग्गज नेता जेटली को हराया था। जबकि आप ने कुलदीप सिंह धालीवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है।   

मनीष तिवारी : एकबार फिर मनीष तिवारी राजनीति जगत में एक्टिव हो चुके है, जिन्हें कांग्रेस ने जालंधर से अपना उम्मीदवार बनाया है। हालांकि यह सीट पिछले चुनाव 2014 के दौरान भी कांग्रेस के पाले में था। आपको बता दें 2004 में मनीष लुधियाना से लोकसभा का चुनाव हार गए, लेकिन 2009 में उन्होंने फिर वापसी की। 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार गुरुचरण सिंह को एक लाख से ज्यादा वोटों से हराकर बड़ी जीत दर्ज की और पहली बार सांसद चुने गए। जिसके बाद एकबार फिर मनीष तिवारी 2014 में स्वास्थ कारणों की वज़ह से चुनाव नहीं लड़ सकें और अब पुन: इनकी वापसी विपक्षी पार्टियों के दांत खट्टे कर सकते है। बता दें इस सीट से बीजेपी ने अपने सहयोगी पार्टी अकाली दल से प्रेम सिंह चंदुमाजरा को जबकि आप (आम आदमी पार्टी) ने नरेंद्र सिंह शेरगिल को अपना उम्मीदवार बनाया है।

सुखबीर सिंह बादल : बीजेपी ने फिरोजपुर सीट से पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह एक  ऐसी सीट है जहां से कोई भी पार्टी यह तय नहीं कर सकती की उनकी ही जीत होगी। क्योंकि यहां हर पांच साल के अंतराल पर दूसरे पार्टी की जीत होती है। चूंकि पिछले चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर जीत तय की थी लेकिन यह कहना मुश्किल है कि इस बार भी यह सीट बीजेपी या कांग्रेस या आप के पक्ष में जाएगी। कांग्रेस ने इस सीट से शेर सिंह घुबाया और आप ने हरजिंदर सिंह काका को अपना उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले बीजेपी ने विजय सांपला को अपना उम्मीदवार बनाया था।  

हरसिमरत कौर बादल : एकबार फिर बीजेपी ने भटिंडा सीट पर हरसिमरत कौर बादल पर अपना विश्वास जताया है जो लगातार 2009 से अभी तक इस सीट पर जीत हासिल करती आ रहीं है। हरसिमरत कौर बादल पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हैं। वहीं कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वार्रिंग और आप ने बलजिंदर कौर को अपना उम्मीदवार बनाया है।   

पश्चिम बंगाल 

नुसरत जहां : बशीरहाट सीट से इस बार TMC ने नुसरत जहां को अपना उम्मीदवार बनाया है। जो एक टॉलीवुड एक्ट्रेस है जिन्होंने अपने छोटी सी फिल्म करियर से फिल्म जगत में एक खास मुकाम बनाया। हालांकि ये सबसे अधिक सुर्खियों में अपने लवर कादर खान को लेकर हुई थी। जिसने एक एंग्लों इंडियन महिला का रेप किया था। जिसके बाद नुसरत पर कादर को संरक्षण देने का आरोप लगा। बशीरहाट सीट को जीतने के लिए टीएमसी को पिछले तीन चरणों से लगातार अपने उम्मीदवार बदल रहें है। नुशरत को टिकट देकर टीएमसी ने अल्पसंख्यकों को बांधने की कोशिश की है। जबकि बीजेपी सायान्तन बसु और कांग्रेस ने कैजी अब्दुर रहीम को अपना ऊम्मीदवार बनाया है। यहां तीनों पार्टियों के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है।   

अभिषेक बनर्जी : अभिषेक बनर्जी को टीएमसी ने डायमंड हार्बर से अपना उम्मीदवार बनाया है, जो ममता बनर्जी के भतीजे है। और ऐसा कहा जा रहा है कि वे टीएमसी के अगले प्रमुख होंगे। बता दें कि अभिषेक ने जुलाई 2012 में अखिल भारतीय तृणमूल YUVA के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने डायमंड हार्बर (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से भारतीय आम चुनाव, 2014 में चुनाव लड़ा और सीपीआई-एम के डॉ. अबुल नन्नत, भाजपा के अभिजीत दास को हराया। वहीं इस बार बीजेपी ने निलंजन रॉय, कांग्रेस सौम्या ऐच रॉय और सीपीआई ने डॉ. फुआद हालिम को अपना प्रत्याशी बनाया है।

चंद्र कुमार बोस: कोलकाता दक्षिण सीट से बीजेपी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस को अपना उम्मीदवार बनाया है। बोस 23 जनवरी 2016 को हावड़ा में एक सार्वजनिक बैठक में भाजपा में शामिल हुए थे। पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव, 2016 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में बभनीपुर (विधानसभा क्षेत्र) से भी चुनाव लड़ा। जिसके बाद उन्हें 2019 में कोलकाता दैनिक (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) से भारतीय आम चुनाव में अपने उम्मीदवार के रूप में नामित किया गया था। अब बीजेपी ने इन्हें लोकसभा चुनाव 2019 के लिए नामित किया है। जहां इनकी टक्कर टीएमसी के दिग्गज नेता माला रॉय, कांग्रेस नेता मीता चक्रवर्ती एवं सीपीआई नेता डा. नंदिनी मुखर्जी से होगी।

सुदीप बंद्योपाध्याय : सुदीप बंद्योपाध्याय एक भारतीय राजनीतिज्ञ और भारत के संसद सदस्य हैं। जिन्हें टीएमसी ने कोलकाता उत्तर से अपना उम्मीदवार बनाया है। बंद्योपाध्याय 12 वीं, 13 वीं और 15 वीं लोक सभाओं में सेवारत तीन कार्यकालों के लिए लोकसभा के सदस्य रहे हैं। वह पश्चिम बंगाल के कोलकाता उत्तर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और तृणमूल कांग्रेस के राजनीतिक दल के सदस्य हैं।

सुदीप बंद्योपाध्याय 1980 के दशक से राजनीति में सक्रिय हैं। वह चार कार्यकाल के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य और तीन बार संसद सदस्य रहे हैं। अपने राजनीतिक जीवन के दौरान, उन्होंने कई पदों पर कार्य किया, एक मंत्री हैं और लोकसभा में पार्टी के नेता भी हैं। बंद्योपाध्याय ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पश्चिम बंगाल विधान सभा से दो बार इस्तीफा दे चुके है। सुदीप बोस रोज वैली घोटाले को लेकर भी सुर्खियों में थे। बता दें कि इस सीट पर बीजेपी ने राहुल सिन्हा, कांग्रेस ने सैय्यद शाहीद इमाम और सीपीआई ने कनिका घोष को अपना उम्मीदवार बनाया है। 

झारखंड

शिबू सोरेन : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन इस बार फिर दुमका सीट से चुनाव लड़ रहें है। जिस सीट से वे लगातार 3 बार सांसद रह चुके है। जहां उनक मुकाबला अपने चेले एवं बीजेपी उम्मीदवार सुनिल सोरेन से है। शिबू पहली बार 1977 में लोकसभा के लिये चुनाव में खड़े हुए थे परन्तु वे पराजित हुए। 1980 में वे लोक सभा चुनाव जीते। इसके बाद क्रमश: 1986, 1989, 1991, 1996 में भी चुनाव जीते। 10 अप्रैल 2002 से 2 जून 2002 तक वे राज्यसभा के सदस्य रहे। 2004 में वे दुमका से लोकसभा के लिये चुने गये।

वर्ष 2005 में झारखंड विधानसभा चुनावों के पश्चात वे विवादस्पद तरीक़े से झारखंड के मुख्यमंत्री बने, परंतु बहुमत साबित न कर सकने के कारण कुछ दिन पश्चात ही उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा।

निशिकांत दुबे : बीजेपी ने निशिकांत दुबे को गोड्डा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है, जहां इनकी सीधी टक्कर अपना दल के प्रत्याशी प्रदीप यादव से होगी। निशिकांत दुबे 2014 से ही गोड्डा में बीजेपी का प्रतिनिधित्व कर रहें  हैं। इसके अलावा वह 15 वीं लोकसभा, 2009-2014 के सदस्य थे। दुबे गोड्डा निर्वाचन क्षेत्र से तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं।

चंडीगढ़

किरण खेर  :इस सीट से एकबार फिर बीजेपी ने किरण खेर को अपना उम्मीदवार बनाया है। जो अनुपम खेर की पत्नी हैं। किरण ने वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेते हुए सक्रिय राजनीति में कदम रखा। बीजेपी के टिकट पर वे चंडीगढ़ से चुनाव लड़ीं और कांग्रेस उम्मीदवार पवन बंसल और आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदवार और बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग को हराकर जीत हासिल की। बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में किरण खेर की टक्कर कांग्रेस उम्मीदवार पवन कुमार बंसल एवं आप उम्मीदवार हरमोहन धवन से होगा।

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