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बच्चियों के साथ बरबर्ता बर्दाश्त नहीं, कठुआ मामले में कोर्ट का कठोर फैसला

पठानकोट: जम्मू-कश्मीर के कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले में 8 साल की मासूम को करीब 17 महीने बाद इंसाफ मिला। कई सुनावाई के बाद सोमवार को पठानकोट की सेशन कोर्ट इस नतीजे पर पहुंची की 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया जाती है। दोषी करार दिए तीन आरोपी दीपक खजुरिया, सांझी राम और परवेश को उम्र की सजा सुनाई गई, जबकि अन तीन तिलकराज, सुरेंद्र कुमार व आनंद दत्ता को 5-5 साल जेल के साथ 1-1 लाख जुर्माने की भी सजा सुनाई गई है।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ की यह दिल दहला देने वाली घटना 10 जनवरी 2018 की है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, बच्ची 10 जनवरी को दोपहर में घर से घोड़ा चराने निकली थी, जिसके बाद वह कभी घर नहीं लौटी। करीब एक हफ्ते बाद 17 जनवरी को जंगल में उसकी लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली थी।

मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि बच्ची के साथ कई दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया गया और पत्थरों से मारकर उसकी हत्या कर दी गई। बच्ची के साथ बर्बरता के इस मामले की आग पूरे देश में कई दिनों तक धधकती रही। लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच दवाब में आई पुलिस ने कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक नाबालिग भी शामिल था।

मामले में जिन 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था उनमें स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया, पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार, रसाना गांव का परवेश कुमार, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज, पूर्व राजस्व अधिकारी का बेटा विशाल और उसका चचेरा भाई (जिसे नाबालिग बताया गया) शामिल था। इसके अलावा मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान सांजी राम भी पुलिस की गिरफ्त में है।

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