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Pc में पत्रकार ने पूछा- साध्वी प्रज्ञा पर क्या कहेंगे...

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के तहत अंतिम चरण की वोटिंग से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने संयुक्त तौर पर प्रेश कॉन्फ्रेंस किया। दिल्ली बीजेपी हेडक्वार्टर में मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी और शाह ने एक सुर में कहा कि जनता ने ‘एक बार फिर मोदी सरकार’ का मूड बना लिया है।

वहीं प्रेश वार्ता के बाद मोदी और शाह ने मीडिया के सवालों का भी जवाब दिया। इस बीच एक पत्रकार ने साध्वी प्रज्ञा द्वारा महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताएं जाने को लेकर उनकी राय जाननी चाही। साथ ही पत्रकार ने भाजपा में साध्वी के भविष्य को लेकर भी सवाल दागा। बता दें कि इस सवाल का जवाब मोदी ने नहीं बल्कि पार्टी अध्यक्ष के नाते अमित शाह ने दिया।

शाह ने अपना बयान दोहराते हुए कहा कि इस तरह के बयान का सिर्फ हम नहीं बल्कि पूरी पार्टी ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि साध्वी समेत अन्य नेताओं को भी कारण बताओं नोटिस जारी कर 10 दिन के अंदर जवाब तलब किया गया है। शाह ने कहा कि इस मामले को पार्टी की अनुशासन समिति ने संज्ञान में लिया है। जवाब आने के बाद विचार करेंगे कि इनके साथ क्या किया जाएगा।

आपको बता दें कि शाह और मोदी ने इससे पहले भी साध्वी द्वारा गोडसे के महिमामंडन का खंडन करते हुए कड़ी आलोचना की थी। शाह ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर बताया था कि मामले को पार्टी की अनुशासन समिति देख रही है। वहीं पीएम मोदी ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत के दौरान कहा है कि साध्वी ने भले ही अपने बयान पर माफी मांगी है लेकिन वह (मोदी) मन से उन्हें (साध्वी) कभी माफ नहीं कर सकेंगे।

इस पूरे मामले को लेकर शाह की बात का एक मतलब ये भी निकलता है कि पार्टी फिलहाल चुनावी नतीजे का इंतजार कर रही है। ऐसा कहना गलत नहीं कि अगर साध्वी चुनाव जीतती हैं तो भाजपा में उनका भविष्य उज्वल हो सकता है लेकिन अगर कहीं उन्हें चुनाव में हार मिलती है तो भाजपा भी साध्वी से किनारा कर सकती है। हालांकि यहां एक और दुविधा है कि बीजेपी ने साध्वी को कांग्रेस के ‘भगवा आतंकवाद’ के जवाब में एक सिंबल की तरह पेश किया है। ऐसे में भाजपा को साध्वी से पीछा छुड़ाना परेशानी का सबब भी बन सकती है। बहरहाल इस पूरे मामले पर अंतिम नतीजे के लिए 10 दिनों का इंतजार करना होगा।

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