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‘जन-धन खाते में आ रहा है काला-धन’,सरकार ने कहा अब जन-धन खाते में 50,000 ही धन जमा होंगे!

नई दिल्ली:  देश भर में 500 और 1000 रुपये के नोटों की बंदी के बाद खबर है कि जन-धन खातों पैसों की बारिश हो रही है, जिसके बाद सरकार ने अब जन-धन खातों में पैसे जमा करने की सीमा को 50,000 रुपये तक कर दिया गया है।

इसकी जानकारी देते हुए आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने बताया कि जन-धन खातों में काला धन जमा होने की शिकायतों के बाद सरकरा ने जन खातों में पैसे जमा करने की सीमा को घटाकर 50,000 रुपये कर दी है।

जानकारी के अनुसार सोमवार रात पीएम मोदी की अध्यक्षता में वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद इस फैसले को लागू किया गया है। गौर हो कि नोटबंदी के बाद से सरकार विरोधियों के निशाने पर है।

इस बात को ध्यान में रखते हुए सराकर भी नोटबंदी के फैसले पर नजरें गड़ाई हुई है, और इस क्रम में सरकार ने यह दूसरी समीक्षा बैठक की है, जिसमें इस फैसले को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि जन-धन खाते वालों को अपने खाता में दूसरों का काला धन नहीं जमा कराना चाहिए।

उन्होंने बताया कि सभी बैंकों से इन खातों पर नजर रखने के आदेश जारी किए गए है। आपको बता दें कि सरकार ने काला धन पर नकेल कसने के इरादे से नोटबंदी लागू किया है। सरकार के आदेश के अनुसार इमानदार लोग एक खाते में 2.5 लाख रुपये तक जमा करा सकते है।

खबरों के अनुसार काला-धन वाले सरकार की इस कमजोरी का फायदा उठाते हुए इमादार लोगों के खाते में छोटी-छोटी रकम जमा करा कर अपने काले पैसों को सफेद करने में लगे है!  लेकिन पीएम ने भी अपने फैसले को लेकर साफ कर दिया है कि वह काले धन पर लगाम कसने के लिए हर हथकंडे का इस्तेमाल। इस क्रम में जन-धन खाते के बाद अब आम बैंक खातों का क्या होता है, यह एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल है?