Breaking News
  • छत्तीसगढ विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण के लिए मतदान
  • CBI विवाद: SC में सीवीसी की रिपोर्ट और निदेशक वर्मा के जवाब की सुनवाई 29 नवंबर तक टाली
  • महाराष्ट्र: पुलगांव में सेना के हथियार डिपो में धमाका, 4 की मौत
  • जम्मू-कश्मीर: शोपियां में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, 4 आतंकी ढेर, एक जवान शहीद, दो घायल

जल्द ही भारतीय जवानों को मिलेगा यह अत्याधुनिक हथियार, पाकिस्तान सकते में

नई दिल्ली : भारतीय सैनिकों को अब बहुत ही जल्द एक ऐसा हथियार मिलने वाला है जिससे पाकिस्तानी सैनिक खौफ में हैं। आप जानते है कि पाकिस्तान हमेशा अपने कायराना हरकतो के जरिए भारत को परेशान करता रहता हैं। कभी वह घुसपैठ के माध्यम से तो कभी सीज फायर का उल्लंघन करकें। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही भारत ने रूस के साथ S-400 यानी की राफेल विमान का सौदा किया था, जिससे पाकिस्तान समेत वे तमाम दुश्मन देश काफी चिंतिंत नज़र आ रहें थे। जो भारत के विरूद्ध गलत गतिविधियों में शामिल थे। अब यह हथियार भी उन देशों के लिए चिंता का सबब हैं।

दिल्ली में धुंध का कहर, वायु प्रदूषण की स्थिति हुई खराब

गौरतलब हैं कि शुक्रवार को सेना के बेड़े में 'के. 9 वज्र (कोरियन) और एम 777 होवित्जर (अमेरिकन)' तोप शामिल होंगी। इससे भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता बढ़ेगी। इन उपकरणों को शामिल करने के लिए नासिक के देवलाली तोपखाना केंद्र में शुक्रवार को एक समारोह में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी शामिल होंगी। साथ ही सेना प्रमुख बिपिन रावत भी शामिल भी होंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘‘के. 9 वज्र’’ को 4,366 करोड़ रुपये की लागत से शामिल किया जा रहा है, यह कार्य नवंबर 2020 तक पूरा होगा। कुल 100 तोपों में 10 तोपें प्रथम खेप के तहत इस महीने आपूर्ति की जाएगी। अगली 40 तोपें नवंबर 2019 में और फिर 50 तोपों की आपूर्ति नवंबर 2020 में की जाएगी। के. 9 वज्र की प्रथम रेजीमेंट जुलाई 2019 तक पूरी होने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी जमकर हुआ कानून का उल्लंघन, ट्रकों पर लगी बैन के बाद...

यह पहली ऐसी तोप है जिसे भारतीय निजी क्षेत्र ने बनाया है। इस तोप की अधिकतम रेंज 28 - 38 किमी है। यह 30 सेकेंड में तीन गोले दागने में सक्षम है और यह तीन मिनट में 15 गोले दाग सकती है। थल सेना ‘‘145 एम 777 होवित्जर’’ की सात रेजीमेंट भी बनाने जा रही है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सेना को इन तोपों की आपूर्ति अगस्त 2019 से शुरू हो जाएगी और यह पूरी प्रक्रिया 24 महीने में पूरी होगी। प्रथम रेजीमेंट अगले साल अक्टूबर तक पूरी होगी। इस तोप की रेंज 30 किमी तक है, इसे हेलीकॉप्टर या विमान के जरिए वांछित स्थान तक ले जाया जा सकता है। बता दें कि करीब 3 दशक पहले भारतीय सेना को बोफोर्स जैसी तोप मिली थी। जिसने सेना की ताकत बढ़ाई थी, हालांकि घोटालों की वज़ह से बोफोर्स का नाम हमेशा ही राजनीति की गलियों में घूमता नज़र आता रहा है।

भूलकर भी गाय को कभी नहीं खिलानी चाहिए बासी रोटी

loading...