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भारत और अमेरिका के साझा युद्धाभ्यास से बढ़ेगी चीन की टेंशन

नई दिल्ली: भारत चीन तनाव के बीच एकबार फिर से जापान के बाद अब भारतीय सेना अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास करने वाली है। जिसके बाद माना जा रहा है की चीन की टेंशन बढ़ सकती है। मालूम हि अभी हाल ही में भारत ने मालाबार में युद्धाभ्यास किया था, जिसको लेकर चीन ने आपत्ति जाहिर की थी।

इस बार ड्रैगन ने भारत के साथ गलत तरीके से पंगा ले लिया है। सिक्किम के डोकलाम में अपना दावा ठोकने ओअर भारत को बार बार ललकारने के बीच भारत का भी अदियाक्ल रवैया चीन के लिए परेशान करने वाला है। जहाँ भारत चीन की हर धमकी को नजरन्दाज कर कड़ा जवाब दे रहा है, वहीँ अब एकबार फिर से चीन को मिर्ची लगने वाली है। एक खबर की माने तो जापान के साथ बंगाल की खाड़ी में मालाबार सैन्य अभ्यास करने के बाद भारत अमेरिका के साथ युद्धाभ्यास करने वाला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और अमेरिका सितंबर के 14-27 के बीच युद्धाभ्यास कर सकते हैं। इसे भारत और अमेरिका अपने "रणनीतिक साझेदारी तथा अभिसरण" के भाग के रूप में देख रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही भारत अभी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामकता और विस्तारवाद का मुकाबला करने के लिए किसी औपचारिक सुरक्षा में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है। वहीँ अभी हाल ही में अमेरिका के रक्षा और राज्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया था कि हम इस क्षेत्र के लिए हमारे रणनीतिक दृष्टिकोण पर भारत के साथ बढ़ते हुए अभिसरण को देखते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत-एशिया-प्रशांत क्षेत्र से परे हम भारत को एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोगी के रूप में देखते हैं। ऐसे में युनाइटेड बेस लुईस-मैककॉर्ड में 14 से 27 सितंबर को अहम माना जा रहा है। इस युद्धाभ्यास में भारतीय गोरखा राइफल्स के 200 से अधिक सैनिक युद्ध अभ्यास में हिस्सा लेंगे।

जिसमें भारत और अमेरिका दोनों के बीच अधिक जटिल, संयुक्त हथियार, डिविजन लेवल एक्सेसाइज को अपग्रेड करना है और इसी पर फोकस होगा। साथ ही भारत और अमेरिका के रिश्तों के बीच इसी अहम् भी माना जा रहा है। इसके साथ ही इस युद्धाभ्यास से चीन को फिर से मिर्ची लगने वाली है। दिनों देशों के बीच बने तनाव को देखते हुए यह युद्धाभ्यास चीन पर कूटनीतिक दवाब के रूप में भी देखा जाएगा।  

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