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जानिए मोदी के शपथ में क्या-क्या है खास, पहली बार...

नई दिल्ली: देश के इतिहास में शायद पहली बार हो रहा है जब राष्ट्रपति भवन एक साथ पांच से छह मेहमानों की मेहमान नवाजी करने जा रहा है। दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करने वाले नरेंद्र मोदी 30 मई को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह के दौरान पीएम मोदी के अलावा उनके कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जाएगी।

हालांकि फिलहाल आधिकारिक जानकारी का इंतजार है, लेकिन अनुमानित तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में देशी व विदेशी करीब पांच हजार से अधिक लोग शामिल हो रहे हैं। जिन्में मुख्य अतिथि के तौर पर 14 देशों के प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा कई देशों के राजदूत, बुद्धिजीवी व राजनीतिक एक्टिविस्ट्स समेत कुछ फिल्म स्टार और सिलेब्रिटीज को भी बुलाया गया है। जबकि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों के प्रमुखों के अलावा कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है।

वहीं खबर है कि बीजेपी ने बंगाल में राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए दिवंगत कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी इस भव्य समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है। लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को 303 सीटें मिली है, जबकि सयोगी दलों (NDA) को मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 353 सांसदों का समर्थन प्राप्त है। इस बड़ी जीत के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि शपथ ग्रहण समारोह भी भव्य होगा।

हालांकि शपथ ग्रहण की तैयारियों में लगे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समरोह को अधिक भव्य नहीं बल्कि साधरण, सादगीपूर्ण व गरिमामय बनाने पर जोर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयोजन में शामिल होने वाले मेहमानों की संख्या का ख्याल रखते हुए कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रपति भवन के बाहरी प्रांगण किया गया है। यहां मुख्य द्वार और मुख्य भवन के बीच एक भव्य रास्ते का निर्माण किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल मेहमानों के स्वागत के लिए किया जाएगा।

बता दें कि यह चौथा ऐसा मौका है जब प्रधानमंत्री पद की शपथ समारोह का आयोजन दरबार हॉल की जगह राष्ट्रपति भवन के बाहरी प्रांगण में किया जा रहा है। बताया जाता है कि दरबार हॉल में एक साथ 500 लोग ही शामिल हो सकते है। इससे पहले 2014 में जब मोदी ने पहली बार पीएम पद की शपथ ली थी, तब भी भारी संख्या में लोगों को बुलाया गया था और इस दौरान भी कार्यक्रम का आयोजन दरबार हॉल की जगह राष्ट्रपति भवन के बाहरी प्रांगण में किया गया था।

हालांकि पहली बार साल 1990 में जब चंद्रशेखर पीएम बने थे, तब भी शपथ समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन के बाहरी प्रांगण में ही किया गया है। इसके बाद 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन भी बाहरी प्रांगण में ही किया गया था। जिसके बाद तीसरी बार 2014 में पीएम मोदी के लिए और अब 2019 में भी पीएम मोदी के लिए शपथ ग्रहण का आयोजन बाहरी प्रांगण में ही किया गया था।

मिली जानकारी के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन शाम सात बजे से किया गया है। जबकि आयोजन स्थल पर मेहमानों के आने का सिलसिला शाम चार बजे से ही शुरु हो सकता है। आयोजन में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए रात्रि भोज का भी प्रबंध किया गया, जिसमें वेज और नॉनभेज हर किस्म के व्यंजन भी होंगे। गुरुवार रात होने वाले आयोजन के लिए राष्ट्रपति भवन मे 48 घंटे पहले तैयारियां शुरू कर दी है। बताया जाता है कि इस बार डिनर मेन्यु में 'दाल रायसीना' भी मौजूद है, जिसे पकाने की तैयारी शुरू भी हो चुकी है। 

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