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झंडे पर बवाल! 5 भाजपाईयों की मौत से खफा गृह मंत्री शाह ने ममता से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में झंडे पर जारी बवाल नई दिशा में बढ़ता दिख रहा है। राज्य के उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लोकसभा चुनाव के दौरान खुद हिंसा का शिकार हुए अमित शाह बंगल में नई हिंसा पर क्या एक्शन लेते हैं।

बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में शनिवार को भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झंडा हटाने को लेकर हुई हिंसा में 6 लोगों के मारे जाने की खबर है, जिनमें पांच बीजेपी और एक बीजेपी कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री ने ममता सरकार से हिंसा पर रिपोर्ट मांगी है।

उन्होंने कहा कि, लोगों के बीच में हिंसा को लेकर गुस्सा है। मुझे विश्वास है कि इस घटना को केंद्र गंभीरता से लेगा। वहीं भाजपा नेता मुकुल रॉय ने आरोप लगाया कि बशीरहाट के संदेशखली में तृणमूल के लोगों ने चार भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी। रॉय ने कहा कि तृणमूल के गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया है। हमारे 4 लोगों को गोली मार दी गई।

बंगाल की सीएम पर सीधा हमला बोलते हुए रॉय ने कहा कि, तृणमूल नेता और ममता बनर्जी क्षेत्र में आतंक फैलाने में शामिल हैं। हमने गृह मंत्री अमित शाह, कैलाश विजयवर्गीय और राज्य के अन्य नेताओं को इस संबध में अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि, हिंसा वाले क्षेत्रों में सांसदों की एक टीम जाएगी और वहां का मुआयना कर शाह को रिपोर्ट करेगी।

जबकि इधर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल ने भी एक कार्यकर्ता की हत्या का दावा किया है। पार्टी के वरिष्ठ राज्य मंत्री ज्योतिप्रियो मलिक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपहरण के बाद तृणमूल समर्थक कयूम मुल्ला की गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि वारदात के वक्त कयूम तृणमूल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे।

आपको बता दें कि बांगल में हिंसा कोई नई बात नहीं है। राज्य में लोकसभा चुनाव के दौरन से ही भाजपा और टीएसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा का दौर जारी है। चुनावी चर्चाओं के दौरन राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। जिसे रोक पाने में राज्य और केंद्रीय बलों के साथ-साथ चुनाव आयोग के भी सारे प्रयास विफल रहे।

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