Breaking News
  • मंदी से निपटने के लिए सरकार ने किए बड़े ऐलान, ऑटो सेक्टर को होगा उत्थान
  • तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में यूएई की राजधानी आबू धाबी पहुंचे मोदी
  • देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राष्ट्रपति कोविंद और पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
  • 1st Test Day-2: भारत की पहली पारी 297 रनों पर सिमटी, रवींद्र जडेजा ने बनाए 58 रन

आजाद का ये बयान देश की संप्रभुता को चोट करता है…

नोएडा : बचपन से पढ़ते-पढ़ाते रहे है कि जम्मू-कश्मीर भारत का जन्नत है, लेकिन सही मायने में जम्मू-कश्नीर जन्नत अब बना है। जब आजादी के करीब सात दशक बाद भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर का न सिर्फ इतिहास बल्कि भूगोल भी बदल दिया। सालों से जारी मांग और विरोध के बीच 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार दिलाने वाली धारा 370 का अस्तित्व अतित में बदल दिया।

सालों से निरंतर में चली आ रही परेशानी से कश्मीर को निजात दिलाने के बाद पूरे भारत में जश्न का माहौल है, लेकिन दुश्मन की शक्ल में पड़ोसी पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। लेकिन तिलमिलाहट की सुगबुगाहट सिर्फ पाकिस्तान में ही नहीं हिंदुस्तान में भी है। इसे ऐसे समझिए कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के अंत और पुनर्गठन के फैसले के बाद उपजे तनाव की स्थिति कम करने के लिए तमाम तरह की कोशिशें की जा रही हैं। लेकिन विपक्ष को ये सब षड्यंत्र लगता है।

दरअसल, ऐतिहासिक फैसले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आम लोगों से मुलाकात की और राज्य के हालातों का जायजा रिपोर्ट पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शहा को सौंप दिया। कश्मीर के लोगों के साथ बैठकर बातचीत और खानपान के बाद डोभाल इस नतीजे पर पहुंचे की हालात नियंत्रण में है। सब कुछ ठीक है।

लेकिन डोभाल की रिपोर्ट से वरिष्ठ कांग्रेसी आजाद इतेफाक नहीं रखते। आजाद कहते हैं लोगों को पैसे लेकर साथ लाने की कवायद चल रही है। भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, कश्मीर के लोगों पर कर्फ्यू थोप कर कानून बनाया गया है।

बीजेपी की माने तो आजाद का ये बयान देश की संप्रभुता को चोट करता है। बीजेपी नेता शहनवाज हुसैन की माने तो आजाद को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। ऐसे बयानों को ही भारत के खिलाफ पाकिस्तान इस्तेमाल करता है पाकिस्तान।

loading...